देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड की सियासत से आज एक बेहद दुखद और अपूरणीय क्षति की खबर सामने आ रही है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रखर व वरिष्ठतम नेता और भारतीय सेना के पूर्व मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार को देहरादून के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले लंबे समय से उम्र संबंधी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे और अस्पताल में उनका सघन उपचार चल रहा था। अपने जीवनकाल में दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में सूबे की कमान संभालने वाले मेजर जनरल खंडूड़ी के निधन की खबर से समूचे प्रदेश और राजनीतिक हलकों में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।
उनके देहावसान पर मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत देश के कई शीर्ष नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया है।
सैन्य अनुशासन से राजनीति में स्थापित किए नए प्रतिमान
मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूड़ी का संपूर्ण जीवन अनुशासन और राष्ट्रसेवा की एक अनूठी मिसाल रहा। भारतीय सेना से गौरवपूर्ण सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा था।
अपनी साफ-सुथरी छवि और कड़े प्रशासनिक तेवरों के चलते वे ‘मिस्टर क्लीन’ के रूप में जाने गए। उन्होंने दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं; पहली बार वर्ष 2007 से 2009 तक और दूसरी बार वर्ष 2011 से 2012 तक उन्होंने प्रदेश का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया।
अपने मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ बेहद कड़े और ऐतिहासिक कदम उठाए, जिसके लिए उन्होंने उत्तराखंड में एक पूरी तरह पारदर्शी, ईमानदार और अनुशासित नौकरशाही व प्रशासन की मजबूत नींव रखी।
प्रशासनिक पदों के अलावा वे संसदीय राजनीति में भी बेहद सक्रिय रहे और गढ़वाल संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए देश की 16वीं लोकसभा के सम्मानित सदस्य भी रहे।
वर्तमान में उनकी बेटी ऋतु भूषण खंडूड़ी उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष (स्पीकर) के रूप में संवैधानिक दायित्व संभाल रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया गहरा शोक
मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा की। सीएम धामी ने लिखा “उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) जी के निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। श्री खंडूड़ी जी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अटूट अनुशासन और अद्वितीय समर्पण का एक महान उदाहरण देश के सामने प्रस्तुत किया था। सैन्य जीवन की सीमाओं से लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के शीर्ष तक, उनका संपूर्ण व्यक्तित्व हमेशा राष्ट्रहित, सुशासन और निस्वार्थ जनसेवा के प्रति पूरी तरह समर्पित रहा। देवभूमि के विकास में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।”
विरासत और शुचिता की राजनीति के एक बड़े अध्याय के अवसान पर आज पूरा उत्तराखंड अपनी इस महान विभूति को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।


