आगरा। ताजनगरी आगरा में एक रूसी महिला पर्यटक द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के बाद उपजे विवाद पर पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सहायक पुलिस आयुक्त (सैंया) डॉ. सुकन्या शर्मा ने स्पष्ट किया है कि वीडियो में दिखाई गई घटना को जिस तरह से ‘छेड़छाड़’ या ‘आपत्तिजनक’ बताकर पेश किया जा रहा है, वह पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में एक रूसी महिला पर्यटक ने इंस्टाग्राम पर अपना एक वीडियो वायरल किया, जो आगरा के यमुना किनारा रोड का बताया जा रहा है। वीडियो में महिला पर्यटक यमुना किनारा रोड पर पैदल चलते हुए अपना अनुभव साझा कर रही है। उसने रूसी भाषा में संदेश लिखा है कि, “हमने आगरा में पैदल चलने की गलती की, आप कभी ऐसा मत करना।”
वीडियो में देखा जा सकता है कि यमुना किनारे से आगरा किला और ताजमहल के मार्ग पर भीड़भाड़ के बीच ई-रिक्शा और ऑटो चालक महिला को सवारी के लिए ‘मैम-मैम’ कहकर टोकते हैं, जिससे महिला असहज महसूस करती है।
पुलिस की जांच और सख्त चेतावनी
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर आगरा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां होने लगीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा ने बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का हमने बारीकी से संज्ञान लिया है। जांच में कहीं भी महिला के साथ छेड़छाड़ या फब्तियां कसने जैसी कोई घटना परिलक्षित नहीं हुई है।”
एसीपी ने आगे कहा कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा अत्यंत संवेदनशील विषय हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि भ्रामक सूचनाएं फैलाकर शहर की छवि धूमिल की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि असत्य तथ्यों के आधार पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और जनभावनाओं को आहत करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस ने आमजन और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि किसी भी वीडियो को बिना सच्चाई जाने गलत संदर्भों में प्रचारित न करें।


