आगरा: लाखों रुपये लेकर फ़रार हुआ शातिर लॉटरी संचालक, पीड़ितों ने एसपी सिटी से लगाई मदद की गुहार

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आगरा: मोटे मुनाफे का लालच देकर शातिर गरीब लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला थाना शाहगंज क्षेत्र का है। थाना क्षेत्र के प्रकाश नगर निवासी एक लॉटरी संचालक ने मुनाफे का झांसा देकर लोगों के लाखों रुपये जमा कर लिए। आरोप है कि रकम मांगने पर टालमटोल करने लगा और अब घर से फरार हो गया है। पीड़ितों ने इस मामले को लेकर एसपी सिटी विकास कुमार से शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई। मामले में जांच के आदेश किए गए हैं।

मंगलवार को प्रकाश नगर के रहने वाले ओमी उर्फ ओमप्रकाश, वीरमती, राजश्री, कमलेश, सरोज, सनी, चंदन सिंह आदि एसपी सिटी से मिले और उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराया। शिकायती पत्र देते हुए कहा कि मोहल्ले का रहने वाला एक व्यक्ति घर में लॉटरी (बीसी) संचालित करता है। वर्ष 2019 में उसने सभी लोगों से संपर्क किया। 52 सप्ताह की स्कीम बताई। कहा कि वह इस स्कीम में 500 से दो हजार रुपये तक हर सप्ताह जमा कराएगा। स्कीम की अवधि पूरी होने पर दस प्रतिशत बढ़ाकर दे देगा लेकिन अब वह पैसा नहीं दे रहा है बल्कि पैसा मांगने पर टालमटोल कर देता है और अब तो वह घर से भी फरार है।

कोरोना काल में भी जमा की बीसी

पीड़ित सभी लोग मजदूर परिवार से हैं। लोगों ने 500, एक हजार और दो हजार रुपये सप्ताह तक रकम जमा करना शुरू कर दिया। लॉटरी संचालक ने हर व्यक्ति को एक डायरी दे रखी थी। रकम लेने पर वो डायरी में लिख भी देता था। आरोप है कि वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण फैलने पर लोगों का काम बंद हो गया। इसके बावजूद आरोपी ने रकम लेना बंद नहीं किया। 52 सप्ताह की अवधि पूरी होने पर लोगों ने अपनी रकम मांगी। इस पर टालमटोल करने लगा।

1 साल से काट रहे हैं चक्कर

पीड़ितों ने कहा कि हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर लौटा देता। पुलिस से शिकायत करने पर धमका देता है। एक साल से लोग भटक रहे हैं। पिछले दिनों लाटरी संचालक घर से फरार हो गया है। इस कारण लोग शिकायत करने पहुंचे। एसपी सिटी ने बताया कि लॉटरी संचालक की शिकायत मिली है। मामले में पीड़ित लोगों के बयान दर्ज कराए गए हैं। इसके साथ ही थाना पुलिस को कार्रवाई निर्देश दिए हैं। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

अब कैसे होगी बेटियों की शादी

पीड़ित कमलेश ने बताया कि उसने दो हजार रुपये सप्ताह की लॉटरी ली थी। उसकी दो बेटियां हैं। उन्हें बेटियों की शादी करनी है। इसलिए सोचा था कि रकम जमा हो जाएगी तो इकट्ठा मिल जाएगा। मगर, लॉटरी संचालक के रकम नहीं होने से वो भटकने को मजबूर हैं। इसी तरह राजश्री ने 1250 रुपये और सावित्री ने दो हजार एक सप्ताह की लॉटरी ली थी।

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