आगरा: शहर के पर्यटन उद्योग से जुड़े गाइडों पर अचानक रोजी-रोटी का संकट मंडराने लगा है। शिल्पग्राम परिसर में प्रस्तावित ‘यूनिटी मॉल’ के निर्माण कार्य के चलते इसे बिना किसी पूर्व सूचना के बंद कर दिया गया है। इस अचानक लिए गए फैसले से शिल्पग्राम पार्किंग स्थित ‘टूरिस्ट गाइड फेसिलिटेशन सेंटर’ का काम पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे सैकड़ों गाइड बेरोजगार हो गए हैं।
कलेक्ट्रेट पहुंचे नाराज गाइड, प्रशासन से लगाई गुहार
सोमवार को बड़ी संख्या में प्रभावित गाइडों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। गाइडों का कहना है कि वे पहले ही कोविड-19 की मार और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव के चलते कम होते विदेशी पर्यटकों से जूझ रहे थे। ऐसे में शिल्पग्राम का बंद होना उनके लिए एक और बड़ा आर्थिक झटका है।
गाइडों के प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी (ADM) और एसडीएम ताज को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बिना पूर्व सूचना के आय का स्रोत बंद होने से उनके परिवारों के सामने भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।
कैबिनेट मंत्री ने दिया आश्वासन
कलेक्ट्रेट में मौजूद प्रदेश के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से भी गाइडों ने मुलाकात की। मंत्री ने उनकी आर्थिक परेशानियों को गंभीरता से सुना और मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।
वहीं, उत्तर प्रदेश टूरिस्ट गाइड्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक दान के अनुसार, वरिष्ठ क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने भी सकारात्मक चर्चा करते हुए आश्वस्त किया है कि इस मुद्दे को हल करने के लिए विभाग को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।
क्या बोले टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष?
दीपक दान ने बताया कि आगरा का पर्यटन उद्योग पहले ही अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते काफी दबाव में है। उन्होंने कहा कि “बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के शिल्पग्राम को बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण है। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।”
प्रशासनिक स्तर पर मिले आश्वासन के बाद अब गाइड समुदाय को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही कार्य करने के लिए कोई सुरक्षित स्थान या वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा।


