लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार का देशव्यापी केंद्र बनाने की दिशा में ‘लखनऊ एआई सिटी’ (Lucknow AI City) परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना प्रदेश में एक मजबूत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम तैयार करने, वैश्विक तकनीक कंपनियों को आकर्षित करने और अरबों रुपये के नए निवेश अवसर सृजित करने के उद्देश्य से की गई है। इस एआई सिटी के आकार लेने के बाद लखनऊ की पहचान देश के प्रमुख टेक-हब (Tech Hub) के रूप में स्थापित होगी।
वृन्दावन आईटी सिटी को चुना गया सबसे उपयुक्त स्थल
एआई सिटी की स्थापना के लिए तैयार की गई विस्तृत प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (Pre-Feasibility Report) में भूमि का चयन, वैश्विक बेंचमार्किंग, विकास का ढांचा और बुनियादी सुविधाओं जैसे सभी प्रमुख पहलुओं का गहनता से अध्ययन किया गया। इस विस्तृत मूल्यांकन के आधार पर लखनऊ स्थित वृन्दावन आईटी सिटी को प्रस्तावित ‘एआई सिटी-कम-बिजनेस पार्क’ के निर्माण के लिए सबसे उपयुक्त और मुफीद स्थान के रूप में चिह्नित किया गया है।
वैश्विक और राष्ट्रीय कंपनियों से मिले 25 से अधिक प्रस्ताव
परियोजना में रणनीतिक साझेदारी और एआई-आधारित उद्योगों को आमंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा वैश्विक स्तर पर रुचि पत्र (EoI – Expression of Interest) आमंत्रित किए गए थे। 26 जुलाई 2025 को जारी इस ईओआई के जवाब में देश और विदेश की दिग्गज टेक और आईटी कंपनियों की ओर से 25 से अधिक ठोस प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। यह अभूतपूर्व प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश में एआई क्षेत्र की अपार संभावनाओं को दर्शाती है।
पीएमयू का गठन और कंसल्टेंट की नियुक्ति
एआई सिटी-कम-बिजनेस पार्क की विस्तृत मास्टर प्लानिंग, वित्तीय खाका तैयार करने और वैश्विक निवेशकों को जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) की स्थापना की गई है। इसके लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर और विशेषज्ञ कंसल्टेंसी संस्था का चयन निविदा प्रक्रिया के माध्यम से पूर्ण कर लिया गया है। निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार, चयनित कंसल्टेंट को नियुक्ति की तिथि से एक वर्ष के भीतर भूमि से जुड़े अंतिम निर्णय और ‘मास्टर डेवलपर’ को परियोजना से जोड़ने की प्रक्रिया को पूरा करना होगा।
तकनीक, निवेश और युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर
योगी सरकार का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश में एआई उद्योग के अनुकूल वातावरण तैयार करना है। लखनऊ में इस परियोजना के स्थापित होने से वैश्विक तकनीकी कंपनियों, अनुसंधान केंद्रों और नए स्टार्टअप्स के लिए अपार संभावनाएं बनेंगी। इसके साथ ही, आईटी एवं एआई कौशल से जुड़े युवाओं के लिए उच्च-स्तरीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को $1 ट्रिलियन बनाने के संकल्प को भी नई गति मिलेगी।
