लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने रविवार देर रात यूपी पीसीएस 2024 के अंतिम परिणाम जारी कर प्रदेश को 932 नए अधिकारी दे दिए हैं। इस बार के नतीजों ने ‘नारी शक्ति’ का लोहा मनवाया है, जहाँ टॉप 10 की सूची में 6 बेटियों ने अपना नाम दर्ज कराया है। दिल्ली की नेहा पंचाल ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शीर्ष स्थान (Rank 1) हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। वहीं, रायबरेली की अनन्या त्रिवेदी दूसरे और अभय प्रताप सिंह तीसरे पायदान पर रहे।
प्रेरणा की मिसाल: संघर्ष से सफलता तक
इस परिणाम में कई ऐसी कहानियाँ सामने आई हैं जो युवाओं के लिए मिसाल हैं। दूसरे स्थान पर रहीं अनन्या त्रिवेदी ने अपने पहले ही प्रयास में यह कामयाबी हासिल की। अनन्या के पिता सुशील त्रिवेदी एक छोटी सी परचून की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी माँ रेखा रानी शिक्षिका हैं। वहीं, टॉपर नेहा पंचाल ने यह मुकाम अपने चौथे प्रयास में पाया।
कानपुर की श्वेता वर्मा (रैंक 21) की कहानी भी बेहद भावुक और प्रेरणादायी है। श्वेता मात्र चार महीने पहले माँ बनी थीं, लेकिन मातृत्व की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई को जारी रखा और आज अफसर बनकर उभरीं।
रिजल्ट का गणित और मुख्य पद
आयोग द्वारा जारी डेटा के अनुसार, कुल 947 रिक्तियों के सापेक्ष 932 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। योग्य उम्मीदवार न मिल पाने के कारण 14 पद खाली रह गए हैं। चयनित 932 उम्मीदवारों में 319 लड़कियां शामिल हैं। मुख्य पदों की बात करें तो इस बार 37 अभ्यर्थी डिप्टी कलेक्टर (SDM) बने हैं।17 अभ्यर्थियों का चयन पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर हुआ है। 196 अभ्यर्थी असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) चुने गए हैं।
चुनौतीपूर्ण रहा सफर
यह परीक्षा प्रक्रिया काफी लंबी और प्रतिस्पर्धी रही। पीसीएस 2024 प्रीलिम्स के लिए करीब 5.76 लाख उम्मीदवारों ने फॉर्म भरा था। मार्च 2025 में आए प्री रिजल्ट में 15,066 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल हुए। जून-जुलाई 2025 में आयोजित मेन्स परीक्षा में 13,776 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिसके बाद साक्षात्कार (Interview) के लिए 2719 लोगों को बुलावा भेजा गया।
पिछले साल (2023) के मुकाबले इस बार बेटियों का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है। जहाँ 2023 में टॉप 10 में केवल 2 लड़कियां थीं, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 6 हो गई है। यह नतीजे साबित करते हैं कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।

