​योगी सरकार 2.0 का विस्तार: 8 दिन बाद मंत्रियों को बांटे गए विभाग, सियासी समीकरणों की छाप साफ; जानें किसे क्या मिली जिम्मेदारी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार के आठवें दिन एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने नए शामिल किए गए छह मंत्रियों और राज्य मंत्री से स्वतंत्र प्रभार में प्रोन्नत (प्रमोट) हुए दो मंत्रियों के बीच विभागों का विधिवत बंटवारा कर दिया है। रविवार की देर शाम जब इन महकमों की आधिकारिक सूची जारी की गई, तो उसमें आगामी राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों की स्पष्ट छाप साफ नजर आई।

​राज्यसभा चुनाव का इनाम: मनोज पांडेय को मिला खाद्य रसद जैसा भारी विभाग

विभागों के इस नए बंटवारे में सबसे बड़ा फायदा हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में खुलकर मतदान करने वाले और पार्टी के प्रति अपनी मजबूत निष्ठा दिखाने वाले वरिष्ठ नेता मनोज पांडेय को मिला है। सरकार ने उन्हें खाद्य रसद और नागरिक आपूर्ति जैसा बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा विभाग सौंप दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी ‘मुफ्त खाद्यान्न वितरण योजना’ सीधे तौर पर इसी महकमे के जरिए प्रदेश भर में संचालित की जाती है।

​भूपेंद्र चौधरी की सरकार में वापसी, मिला ओडीओपी (ODOP) का जिम्मा

​भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपना सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद वापस सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में लौटे भूपेंद्र चौधरी को भी बड़ा दायित्व मिला है। मुख्यमंत्री ने उन्हें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है। यह विभाग भी योगी सरकार की प्राथमिकताओं की सूची में शीर्ष पर है, क्योंकि यूपी की सबसे चर्चित और सफल ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना इसी महकमे के अंतर्गत संचालित की जाती है।

प्रोन्नत मंत्रियों के बढ़े कद, मिले ये अहम महकमे

मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री से स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री के रूप में प्रोन्नत हुए नेताओं को भी महत्वपूर्ण विभागों से नवाजा गया है। इनमें अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कमान सौंपी गई है। वहीं, राज्य मंत्री से प्रमोट होकर स्वतंत्र प्रभार पाने वाले दूसरे बड़े नेता सोमेंद्र तोमर को राजनैतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (PRD) विभाग का अहम दायित्व दिया गया है।

​इसके अलावा, नए मंत्रियों में शामिल राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग सौंपा गया है। राज्य मंत्री सुरेंद्र दलेर को राजस्व विभाग और हंसराज विश्वकर्मा को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग में राज्य मंत्री का दायित्व सौंपा गया है।

राकेश सचान का घटा कद, MSME विभाग वापस लिया गया

विभागों के इस नए फेरबदल के बाद योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्री राकेश सचान को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है और उनका कद पहले के मुकाबले कम हो गया है। मुख्यमंत्री ने उनसे उनका सबसे भारी और मुख्य विभाग यानी ‘सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम’ (MSME) वापस ले लिया है। इस बड़े बदलाव के बाद अब राकेश सचान के पास केवल खादी, रेशम, हथकरघा और वस्त्रोद्योग विभाग की ही जिम्मेदारी शेष रह गई है।

​8 दिनों के लंबे इंतजार और कयासों पर लगा विराम

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ सरकार का यह दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार बीते 10 मई को किया गया था। राजभवन में मंत्रियों की शपथ होने के बाद से ही विभागों के बंटवारे को लेकर लखनऊ से लेकर दिल्ली तक तरह-तरह के कयास और कयासबाजियां चल रही थीं। जैसे-जैसे समय बीत रहा था, राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और गर्म होती जा रही थीं। आखिरकार, रविवार की देर शाम इस सस्पेंस से पर्दा उठ गया और मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के विभागों की घोषणा कर सभी अटकलों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया।