हिंद महासागर में खलबली: श्रीलंकाई तट के पास डूबा ईरानी युद्धपोत, 101 नाविक लापता

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कोलंबो: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध की आग अब हिंद महासागर की लहरों तक पहुँच गई है। बुधवार सुबह श्रीलंका के गाले तट से करीब 40 नॉटिकल मील दूर ईरान का आधुनिक युद्धपोत ‘आइरिस डेना’ (IRIS Dena) रहस्यमयी परिस्थितियों में डूब गया। इस हादसे में जहाज पर सवार 180 क्रू मेंबर्स में से 101 लोग लापता हैं, जबकि 79 को रेस्क्यू किया गया है।

पनडुब्बी हमले की चर्चा और श्रीलंका का इनकार

चूंकि ईरान इस समय अमेरिका और इजरायल के साथ सीधे सैन्य संघर्ष में है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह खबर तेजी से फैली कि ‘आइरिस डेना’ पर पनडुब्बी (Submarine) से हमला किया गया है। हालांकि, श्रीलंकाई नौसेना और विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद में इन दावों को फिलहाल खारिज कर दिया है। श्रीलंका का कहना है कि उन्हें केवल ‘डिस्ट्रेस कॉल’ (आपातकालीन संदेश) मिला था, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया।

​रेस्क्यू ऑपरेशन और हताहतों की स्थिति

श्रीलंका की नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 78 घायल नाविकों को समुद्र से निकाला है। दक्षिण श्रीलंका के गाले स्थित मुख्य अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बचाए गए 32 नाविकों की हालत गंभीर बताई जा रही है। 180 लोगों की क्षमता वाले इस फ्रिगेट के डूबने के बाद 101 लोग अभी भी समुद्र की लहरों में लापता हैं।

​क्या यह युद्ध का विस्तार है?

शनिवार से इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए जा रहे भीषण हमलों के बीच इस ईरानी नेवी शिप का डूबना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि श्रीलंका इसे अपनी ‘अंतरराष्ट्रीय समुद्री जिम्मेदारी’ के तहत एक सामान्य बचाव कार्य बता रहा है, लेकिन सैन्य विशेषज्ञ इसे ‘सिल्वर वॉर’ या गुप्त समुद्री हमले के चश्मे से देख रहे हैं। अभी तक ईरान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।