लखनऊ। NEET Re-Exam 2026 की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। अजय राय ने वर्ष 2018 से 2026 तक लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं को एक ‘भयावह त्रासदी’ करार देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की है।
“यह आत्महत्या नहीं, सरकारी उत्प्रेरित हत्या है”
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अजय राय ने हाल ही में नीट पेपर लीक के बाद उपजे मानसिक तनाव से जान गंवाने वाले छात्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि रितिक मिश्रा, शिवानी यादव और अंशिका पांडेय समेत देश के विभिन्न राज्यों के 12 होनहार छात्रों ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इन घटनाओं को साधारण आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए इन्हें ‘सरकार द्वारा उत्प्रेरित हत्या’ (State-sponsored abetment of suicide) करार दिया।
शिक्षा तंत्र पर सवाल: 3.5 लाख करोड़ का निवेश बनाम ‘रिजेक्शन सिस्टम’
अजय राय ने शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और विफलता के चौंकाने वाले आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि देश की पांच प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अभिभावक प्रतिवर्ष लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं, जो कि केंद्र सरकार के पांच प्रमुख मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर है। इसके बावजूद, वर्तमान शिक्षा तंत्र एक ‘रिजेक्शन सिस्टम’ बनकर रह गया है, जहाँ एक हजार छात्रों में से केवल 12 को ही सफलता या रोजगार मिल पाता है।
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ और ‘कोटा महारैली’ अभियान
कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि छात्रों और अभिभावकों की इस पीड़ा को संसद से लेकर सड़क तक बुलंद करने के लिए राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत की है। इस मुहिम के तहत प्रयागराज, पटना और दिल्ली में आयोजित ‘कोटा महारैली’ के माध्यम से राहुल गांधी छात्रों से सीधा संवाद कर रहे हैं। कांग्रेस का उद्देश्य देश में एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की नींव रखना है, जो न केवल निष्पक्ष और पारदर्शी हो, बल्कि मध्यमवर्गीय अभिभावकों की जेब के अनुकूल भी हो।
अजय राय ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और जब तक सरकार शिक्षा प्रणाली में आमूल-चूल सुधार और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं करती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।


