​’स्वार्थी ठगबंधन’ की हवा निकाल चुकी है जनता: 2027 में तीसरी बार भाजपा की सरकार तय – केशव मौर्य

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सियासी पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। इसी कड़ी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर कड़े शब्दों में हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए दोनों प्रमुख विपक्षी दलों को परिवारवाद, तुष्टीकरण और पिछड़ेपन की राजनीति का पर्याय बताया है। मौर्य का दावा है कि प्रदेश की जनता ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपना मन बना लिया है और वे तीसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार का स्वागत करने के लिए तैयार है।

​सपा-कांग्रेस के मिलन को बताया ‘अवसरवादी’

उपमुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में सपा और कांग्रेस के गठबंधन पर प्रहार करते हुए कहा कि इन दोनों दलों के बीच परिवारवाद के अलावा कोई दूसरी समानता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों के बीच न तो आपसी भरोसा है और न ही कोई तालमेल। मौर्य के अनुसार, यह केवल एक ‘अवसरवादी मेल’ है, जिसे जनता पहले ही 2017 में पूरी तरह नकार चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में इनका राजनीतिक सूपड़ा साफ होना पूरी तरह तय है।

​भाजपा का आधार: विकास और सुशासन

विपक्ष पर निशाना साधने के साथ ही केशव मौर्य ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा का एजेंडा विकास, सुशासन, सुरक्षा और गरीब कल्याण पर केंद्रित है। इसी सुदृढ़ धरातल पर पार्टी जनता का अटूट भरोसा जीत रही है। उनके अनुसार, प्रदेश के नागरिक भाजपा की कार्यशैली से संतुष्ट हैं, इसीलिए वे एक बार फिर प्रदेश में कमल खिलाने को संकल्पित हैं।

​गांधी परिवार पर पुराने घोटालों को लेकर प्रहार

इतना ही नहीं, केशव मौर्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी को यह याद रखना चाहिए कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए बोफोर्स, अगस्ता वेस्टलैंड और पनडुब्बी जैसे घोटाले केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि देश के प्रति ‘गद्दारी’ थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घोटालों के तार सीधे तौर पर गांधी परिवार की चौखट तक जुड़े हुए थे और इनमें विदेशी ताकतों की भी भूमिका संदिग्ध रही है।

चुनावी रण में तेज होती बयानबाजी

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बिगुल बजने में अब कुछ ही महीने शेष हैं। ऐसे में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जिस तरह लगातार अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर तीखे प्रहार कर रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि आगामी चुनाव में भाजपा विकास के एजेंडे के साथ-साथ विपक्ष के ‘परिवारवाद’ के मुद्दे को भी जोर-शोर से जनता के बीच लेकर जाएगी।