आगरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगरा कॉलेज के ऑडिटोरियम में एक भव्य ‘शिक्षक संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा के भविष्य, नवाचार और ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षकों की भूमिका पर व्यापक मंथन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने इन 12 वर्षों को सेवा, सुशासन और आत्मनिर्भर भारत के स्वर्णिम अध्याय के रूप में परिभाषित किया।
शिक्षा व्यवस्था में आया क्रांतिकारी बदलाव
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की आराधना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सी.के. गौतम ने नई शिक्षा नीति-2020 की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नीति कौशल विकास और अनुसंधान को नई गति दे रही है। उन्होंने कॉलेज द्वारा विश्वविद्यालय बनने की दिशा में उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि आज भारत अंतरिक्ष से लेकर रक्षा और तकनीक तक वैश्विक पटल पर नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। 2017 में प्रदेश में मात्र 19 निजी विश्वविद्यालय थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 53 हो गई है। नए आईआईटी और आईआईएम की स्थापना ने युवाओं के लिए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं।
शिक्षक हैं विकसित भारत के शिल्पकार: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने शिक्षकों को राष्ट्र का असली निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में बुद्धिजीवियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। डीएम ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और तकनीक को अपनाएं ताकि हमारे युवा वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन सकें।
नवाचार और उद्योग के साथ समन्वय पर जोर
एनआईटी के निदेशक प्रो. राजीव उपाध्याय ने शिक्षा में नैतिकता और प्रश्न पूछने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया, वहीं उद्योगपति पूरन डावर ने ‘स्किल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी योजनाओं को शिक्षा से जोड़ने की वकालत की। उन्होंने कहा कि हमें युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला ‘उद्यमी’ बनाना होगा। प्रो. अरुणोदय वाजपेई ने अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और डिजिटल शिक्षा जैसी पहलों को छात्र-केंद्रित बताते हुए इनके महत्व को रेखांकित किया।
शिक्षा जगत के दिग्गजों की उपस्थिति
कार्यक्रम में आगरा के प्रमुख शिक्षाविदों का जमावड़ा रहा। सेंट जॉन्स कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एस.पी. सिंह सहित शहर के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अत्यंत प्रेरणादायक रहा और अंत में प्रो. शशिकांत पांडे ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।


