गांधीवाद बनाम डिजिटल प्रतिरोध: ‘कॉकरोच आंदोलन’ के आईने में समकालीन युवा असंतोष का विश्लेषण

भारत में जब भी कोई नया जन-आंदोलन उभरता है, उसे पुराने वैचारिक फ्रेमों में समझने की कोशिश होती है। कॉकरोच आंदोलन के साथ भी यही हुआ है। कुछ लोग इसे युवाओं के असंतोष की नई अभिव्यक्ति मानते हैं, तो कुछ इसे गांधीवादी परंपरा की छाया में पढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। किंतु प्रश्न यह […]

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