आगरा को दोबारा कहानी का ‘हब’ बनाने की अनूठी पहल: होटल ग्रांड में 7 से 9 सितंबर तक होगी तीन दिवसीय राष्ट्रीय कहानी कार्यशाला
आगरा। उन्नीसवीं और बीसवीं सदी के पूर्वार्द्ध के दौर में ताजनगरी आगरा हिंदी और उर्दू के नामचीन कहानीकारों का एक प्रमुख केंद्र हुआ करता था। हालांकि, बाद के दशकों में यह शहर धीरे-धीरे साहित्य के सन्नाटे की आगोश में सिमटता चला गया, जिसके पीछे के सटीक कारणों से अमूमन हर कोई अनजान रहा है। लेकिन […]
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