हिस्ट्रीशीटर बने रिपोर्टर: जब कलम की जगह ‘कैमरा’ बन जाए अवैध वसूली का आधुनिक कट्टा
यह महज़ पत्रकारिता के गिरते स्तर का रोना नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के मलबे पर खड़े एक संगठित अपराध की डरावनी कहानी है। आज मोबाइल कैमरे, कौड़ियों के भाव मिलने वाले आई-कार्ड और सस्ते चाइनीज माइक जनसेवा के उपकरण नहीं, बल्कि अवैध वसूली के सबसे घातक हथियार बन चुके हैं। एक ऐसा […]
Continue Reading