हर किसी का अपना सावन: प्रकृति, संस्कृति और भावनाओं का अनूठा उत्सव

भारत मानसून के आगमन के साथ मौसम में बदलाव का स्वागत करता है, और इससे भी कहीं अधिक। यह एक ऐसे मौसम की शुरुआत है जो फलों की भरपूर फसल, ताजगी और नए जीवन को जन्म देता है, साथ ही मानव हृदयों में नई आशा और सदियों से समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करता है। […]

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खुशी के टिकट पर मातम का सफर: मेलों में झूलों की ‘फिटनेस’ महज औपचारिकता या सिस्टम का बड़ा खेल?

हरियाणा के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में झूला टूटने की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हमारे यहाँ मनोरंजन भी जान जोखिम में डालकर ही किया जाता है। जिस मेले को संस्कृति, कला और पर्यटन का उत्सव कहा जाता है, वही मेला एक पल में चीखों, अफरातफरी और मातम में बदल गया। झूले […]

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