नियमों का चश्मा और संवेदनहीन व्यवस्था: जब दृष्टिबाधित बच्चों पर सबसे पहले चला डंडा
आगरा में शिक्षा विभाग ने जब “कानून का चश्मा” पहनने का फैसला किया, तो उम्मीद थी कि अब फर्जी स्कूलों, अवैध कॉलेजों और शिक्षा के नाम पर चल रही दुकानों पर कार्रवाई होगी। लेकिन अफसोस, यह चश्मा भी उसी तरह निकला, जैसा अक्सर हमारे सिस्टम में होता है—कुछ को साफ दिखाने वाला और कुछ को […]
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