उधम सिंह सरदार: एक गोली, सौ सालों की गूंज

उधम सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक विचार थे—संयम, संकल्प और सत्य का प्रतीक। जलियांवाला बाग़ के नरसंहार का प्रत्यक्षदर्शी यह वीर 21 वर्षों तक चुपचाप अपने मिशन की तैयारी करता रहा और लंदन जाकर ओ’डायर को गोली मारकर भारत का प्रतिशोध पूरा किया। उनकी चुप्पी न्याय की गर्जना थी, जो आज भी […]

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जलियाँवाला बाग़, अमृतसर शहर, तारीख 13 अप्रैल, 1919, वक़्त साँझ ढलने से 6 मिनट पहले…

जलियाँवाला बाग़, अमृतसर शहर, तारीख 13 अप्रैल, 1919, वक़्त साँझ ढलने से 6 मिनट पहले… उस दिन जलियाँवाला बाग़ में 15 से 25 हज़ार लोग जमा थे. अचानक लोगों को ऊपर एक अजीब सी आवाज़ सुनाई दी. एक हवाई जहाज़ बाग़ के ऊपर नीची उड़ान भरते हुए जा रहा था. उसके एक पंख पर एक […]

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