आधी हकीकत आधा फसाना: क्या कलियुग में हनुमानजी का निवास गंधमादन पर्वत पर है?

हनुमानजी सप्तचिरंजीवों में से एक हैं। अर्थात सदैव जीवित रहने वाले। हनुमानजी ने त्रेतायुग में श्रीरामजी की अवतार समाप्ति के उपरांत भी द्वापार युग में महाभारत के युद्ध में सहभाग लिया था  उसके उपरांत कलियुग में संत तुलसीदासजी तथा समर्थ रामदास जी, इन संतों ने हनुमानजी के दर्शन किए हैं, ऐसा उल्लेख मिलता है। श्रीमद्भागवत […]

Continue Reading

श्री रामनवमी का व्रत करने से सभी व्रतों का होता है फल प्राप्त

‘चैत्र शुक्ल नवमी को ‘श्रीरामनवमी’ कहते हैं । श्रीराम के जन्म के उपलक्ष्य में श्रीरामनवमी (इस वर्ष 10 अप्रैल) मनाई जाती है । इस दिन जब पुष्य नक्षत्र पर, मध्यान्ह के समय, कर्क लग्न में सूर्यादि पांच ग्रह थे, तब अयोध्या में प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ । अनेक राम मंदिरों में चैत्र शुक्ल पक्ष […]

Continue Reading

होली के त्योहार का महत्त्व और उसे मनाने की शास्त्रीय पद्धति

फाल्गुन पूर्णिमा के दिन आने वाली होली का त्योहार संपूर्ण देश में बड़े हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाता है। दुष्ट प्रवृत्तियों और अमंगल विचारों का नाश कर सत् प्रवृत्ति का मार्ग दिखाने वाला उत्सव है होली! होली मनाने के पीछे अग्नि में वृक्ष रूपी समिधा अर्पण कर उसके द्वारा वातावरण की शुद्धि करने का उत्तम […]

Continue Reading

बसंत पंचमी 5 फरवरी को, जानिए! सरस्वती पूजन का शास्त्रीय आधार

बसंत पंचमी इस वर्ष 05 फरवरी को मनाई जाएगी। आइए जान लें कि बसंत पंचमी मनाने का शास्त्रीय आधार क्या है। श्री सरस्वती देवी की व्युत्पत्ति एवं अर्थ ‘सरसः अवती’, अर्थात् एक गति में ज्ञान देने वाली अर्थात् गतिमति। निष्क्रिय ब्रह्मा का सक्रिय रूप; इसीलिए उन्हें ‘ब्रह्मा-विष्णु-महेश’, तीनों को गति देने वाली शक्ति कहते हैं […]

Continue Reading

स्वामी विवेकानंद जयंती पर विशेष: आज की युवा पीढ़ी और राष्ट्र के प्रति अभिमान

भारत एक प्रचंड युवा शक्ति से परिपूर्ण देश है। आंकड़ों के अनुसार देश मे 22 प्रतिशत जनसंख्या 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग की है। ये युवा इस देश के मुख्य आधार स्तंभ हैं । यह स्तंभ जितना मजबूत और राष्ट्रनिष्ठ होगा, देश उतना ही आगे बढ़ेगा। फ्रेंच राज्य क्रांति के प्रणेता रूसो ने कहा […]

Continue Reading