मुंबई (अनिल बेदाग): मुंबई के जुहू स्थित प्रतिष्ठित ‘क्लब मिलेनियम’ में हाल ही में संगीत की एक ऐसी शाम सजी, जिसने उपस्थित लोगों को रूहानी सुकून का अनुभव कराया। मौक़ा था रामपुर सहसवान घराने के दिग्गज शास्त्रीय गायक और संगीतकार उस्ताद ग़ुलाम अब्बास खान के नए सूफी गीत ‘मुझ में तू’ के लॉन्च का। जैसे ही इस नग्मे के बोलों की गूंज फिज़ाओं में घुली, पूरा माहौल एक अद्भुत रूहानी आभा से भर उठा।
दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी ने बढ़ाई महफिल की शान
इस यादगार शाम की शोभा तब और बढ़ गई जब भारतीय संगीत जगत के कई दिग्गज कलाकार यहाँ एक साथ नजर आए। समारोह में जाने-माने गायक हरिहरन, भजन सम्राट अनूप जलोटा, मशहूर पार्श्वगायक अभिजीत भट्टाचार्य, सुरीली गायिका जसपिंदर नारुला और संगीतकार दिलीप सेन जैसे कलाकारों ने अपनी उपस्थिति से उस्ताद ग़ुलाम अब्बास खान को शुभकामनाएं दीं और इस सूफी प्रस्तुति की सराहना की।
संगीत की विरासत और गीत का सफर
’रेड रिबन म्यूजिक’ के बैनर तले रिलीज़ हुए इस खूबसूरत गीत को अमित चंदेकर ने बहुत ही बारीकी से लिखा और कंपोज किया है। उस्ताद ग़ुलाम अब्बास खान ने साझा किया कि जब उन्होंने पहली बार इस गीत की रचना को सुना, तो इसकी रूहानियत और शब्दों की गहराई ने उन्हें भीतर तक प्रभावित कर दिया था। गौरतलब है कि उस्ताद खान को संगीत की विरासत विरासत में मिली है; उन्होंने अपने पिता पद्मश्री उस्ताद गुलाम सादिक खान से शास्त्रीय गायन की तालीम ली, जबकि उनके ससुर और भारतीय संगीत जगत के महान गुरु पद्म विभूषण उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान के मार्गदर्शन ने उनके संगीत को एक नई ऊंचाई दी है।
ग्लोबल स्तर पर हिंदुस्तानी संगीत का परचम
अपनी गायकी के दम पर 22 एल्बम और 100 से अधिक गीतों के साथ, उस्ताद ग़ुलाम अब्बास खान ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत को दुनिया के लगभग 30 देशों तक पहुँचाने का सराहनीय कार्य किया है। उनके नए गीत ‘मुझ में तू’ की लोकप्रियता का आलम यह है कि रिलीज़ के कुछ ही समय के भीतर इस गीत ने यूट्यूब पर 1 मिलियन व्यूज़ का आँकड़ा पार कर लिया है, जो इस बात का प्रमाण है कि आज के दौर में भी रूहानी और सूफी संगीत के चाहने वालों की कोई कमी नहीं है।


