आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) में नए उपाध्यक्ष के कार्यभार संभालने के बाद से ही विकास कार्यों में तेजी और पारदर्शिता लाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को नवागत उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत तेजी से विकसित की जा रही ‘ग्रेटर आगरा योजना’ और ग्राम ककुआ-भांडई में स्थित ‘अटलपुरम टाउनशिप’ का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, उनकी गुणवत्ता, ग्रीन बेल्ट के विकास और तय समयसीमा का बारीकी से जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। हालांकि, अटलपुरम टाउनशिप में विकास कार्यों की रफ्तार सुस्त मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और काम में तुरंत तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
इस निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के सचिव, मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता के साथ-साथ संबंधित कंसलटेंट, निर्माण कार्य से जुड़ी फर्में और ईपीसी एजेंसी के प्रतिनिधि भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने दोनों महत्वाकांक्षी योजनाओं के जमीनी विकास को खुद परखा और अधिकारियों से अब तक हुए कार्यों की पूरी रिपोर्ट ली।
ग्रेटर आगरा में 45 मीटर महायोजना मार्ग का निरीक्षण
ग्रेटर आगरा योजना के तहत तीन अलग-अलग हिस्सों में बनाए जा रहे 45 मीटर चौड़े महायोजना मार्ग का मुआयना किया गया, जहां निर्माण कार्य सुचारू रूप से चलता हुआ पाया गया। निरीक्षण के वक्त उपाध्यक्ष ने आरसीसी (RCC) कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष रूप से फोकस करने को कहा।
उन्होंने अभियंताओं और कार्यदायी फर्मों को निर्देश दिए कि आरसीसी निर्माण के दौरान तय मानकों के मुताबिक नियमित रूप से क्यूरिंग (तराई) कराई जाए। इसके साथ ही, निर्माण स्थल पर प्रोजेक्ट की समयसीमा और अब तक की प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाने वाले सूचना बोर्ड (इनफॉरमेशन बोर्ड) लगाने के भी निर्देश दिए गए, ताकि वहां आने-जाने वालों को कार्य की डेडलाइन और प्रगति की सही जानकारी मिल सके।
इंजीनियर की मौजूदगी में ही लिए जाएं सामग्री के सैंपल
ग्रेटर आगरा योजना में उपयोग की जाने वाली निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता को लेकर भी प्राधिकरण पूरी तरह सतर्क नजर आया। उपाध्यक्ष ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट (PMC) को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच के वास्ते जितने भी सैंपल लिए जाएं, वे योजना से जुड़े संबंधित अवर अभियंता या सहायक अभियंता की उपस्थिति में ही लिए जाने चाहिए। इस व्यवस्था का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
पहले विकसित होगा हरित क्षेत्र, बनेगा मॉडल पॉकेट
ग्रेटर आगरा योजना के तहत प्रस्तावित हरित क्षेत्रों (Green Belts) को उच्च प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, पौधारोपण के बाद उसकी नियमित देखरेख और रखरखाव (अनुरक्षण) की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। आवंटियों और आम नागरिकों को इस नियोजित योजना का वास्तविक और सुंदर स्वरूप दिखाने के लिए कम से कम एक ‘मॉडल पॉकेट’ विकसित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिसके माध्यम से प्रस्तावित विकास कार्यों को एक आदर्श क्षेत्र के रूप में प्रदर्शित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, मुख्य अभियंता को ग्रेटर आगरा योजना के अंतर्गत आने वाले ग्रुप हाउसिंग भूखंडों के सुगम विक्रय हेतु एक सुविचारित और ठोस प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश भी प्रदान किए गए।
अटलपुरम टाउनशिप में धीमी प्रगति पर जताया असंतोष
ग्रेटर आगरा के बाद नवागत उपाध्यक्ष ने ग्राम ककुआ-भांडई स्थित अटलपुरम टाउनशिप का रुख किया और वहां चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सभी अवर अभियंताओं और सहायक अभियंताओं को यह हिदायत दी कि वे नियमित रूप से टाउनशिप स्थल का दौरा करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां सामने आएं, उन्हें केवल मौखिक रूप से बताने के बजाय उनकी तस्वीरें खींचकर एक संक्षिप्त टिप्पणी के साथ संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर की जाएं, ताकि उन कमियों की ऑनलाइन निगरानी हो सके और उनका समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
अटलपुरम टाउनशिप के विकास कार्यों में ईपीसी एजेंसी द्वारा मनमुताबिक रफ्तार न पकड़े जाने पर उपाध्यक्ष ने खासी नाराजगी जताई। उन्होंने एजेंसी को अल्टीमेटम देते हुए काम की गति बढ़ाने और निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्चतम गुणवत्ता के साथ कार्य मुकम्मल करने के निर्देश दिए।
नहर की गहराई और चौड़ाई के मानक तय करने के निर्देश
अटलपुरम टाउनशिप के दायरे में आने वाले सिंचाई विभाग की नहर के हिस्से को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश पारित किए गए। ईपीसी एजेंसी को निर्देशित किया गया कि वे नहर के उस हिस्से की गहराई बढ़ाएं और उसकी निर्धारित चौड़ाई को पूरी तरह सुनिश्चित करें, ताकि टाउनशिप के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के साथ-साथ जल निकासी व नहर की मूल संरचना भी तय मानकों के अनुरूप बनी रहे।
इस संपूर्ण निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को यह बात अच्छी तरह समझा दी कि दोनों योजनाओं में गुणवत्ता, समयबद्धता और निरंतर मॉनिटरिंग से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा किसी भी कमी के पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
