प्रतापगढ़ में अजब मामला: प्रेम प्रसंग से नाराज परिजनों ने जिंदा बेटी की निकाली ‘शव यात्रा’, पुतले का किया अंतिम संस्कार, अब तेरहवीं की तैयारी

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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां जेठवारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव में प्रेम प्रसंग से नाराज परिजनों ने जीवित बेटी से हमेशा के लिए नाता तोड़ते हुए उसकी प्रतीकात्मक ‘शव यात्रा’ निकाली और उसका पुतला बनाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। केवल यहीं नहीं, परिजन अब पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मृतका मानकर उसका तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी भी कर रहे हैं। पूरे इलाके में इस अजीबोगरीब घटना को लेकर दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

​क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, गांव की एक युवती का पिछले कुछ समय से गांव के ही दूसरे समुदाय या बिरादरी के एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसकी भनक परिजनों को नहीं लगी थी। कुछ दिन पहले युवती अचानक अपने घर से लापता हो गई। काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका के चलते थाने में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस से बेटी की बरामदगी की गुहार लगाई।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जांच-पड़ताल शुरू की और कुछ ही समय में युवती को उसके प्रेमी युवक के साथ सकुशल बरामद कर थाने ले आई। थाने में जब दोनों पक्षों और प्रेमी जोड़े को आमने-सामने बैठाया गया, तो युवती ने बिना किसी डर के अपनी बात पुलिस और परिजनों के सामने रख दी। युवती ने साफ शब्दों में कहा कि वह उसी युवक से प्रेम करती है और अपनी आगे की पूरी जिंदगी उसी के साथ बिताना चाहती है।

​थाने में ही तोड़े रिश्ते, घर लौटकर किया पुतले का दाह संस्कार

बेटी के मुंह से यह फैसला सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। दूसरी बिरादरी में शादी किए जाने और समाज में तथाकथित लोक-लाज के डर से आहत परिजनों ने थाने में ही भरे समाज के सामने उससे सारे रिश्ते हमेशा के लिए तोड़ने का बड़ा ऐलान कर दिया। परिजनों ने गुस्से में कहा कि आज से उनके लिए यह बेटी मर चुकी है और वह अब से उनके लिए पूरी तरह से गैर हो चुकी है।

​इसके बाद हताश और आक्रोशित परिजन सीधे अपने गांव लौटे। घर पहुंचकर उन्होंने युवती का एक प्रतीकात्मक पुतला तैयार किया और उसकी बाकायदा अर्थी सजाकर गांव में शव यात्रा निकाली। अर्थी पर युवती की तस्वीर रखकर पूरे विधि-विधान और कर्मकांड के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया। रविवार शाम तक पुतले के दाह संस्कार की यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई।

​परिजनों का कहना है कि वे यहीं नहीं रुकेंगे, बल्कि पारंपरिक रीति-रिवाजों के मुताबिक उसका पूरा श्राद्ध कर्म करेंगे और निधन के 13वें दिन बाकायदा ‘तेरहवीं’ का भोज व कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे। जीवित रहते हुए बेटी का पुतला जलाकर अंतिम संस्कार करने की यह अनोखी और सनसनीखेज घटना पूरे प्रतापगढ़ जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।