आगरा: ताजनगरी में मंगलवार की दोपहर कुदरत ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। सुबह तक जो धूप खिली थी, वह दोपहर 2:30 बजे के करीब अचानक काले बादलों में तब्दील हो गई और देखते ही देखते धूल भरी तेज आंधी के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। हालांकि इस मौसम ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन चंद मिनटों के इस तांडव ने शहर की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। नगर निगम के यूनिपोल से लेकर शादी के भारी-भरकम गेट तक भरभराकर गिर पड़े।
पंचकुइया चौराहे पर मौत को मात
मलबे और दहशत की सबसे डरावनी तस्वीर पंचकुइया चौराहे से सामने आई। यहाँ तेज हवाओं के दबाव को नगर निगम का एक विशाल यूनिपोल झेल नहीं पाया और सीधे सड़क किनारे एक ठेले पर गिर गया। उस वक्त ठेले पर बैठी महिला की किस्मत अच्छी थी कि वह मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई, लेकिन उसकी रोजी-रोटी का जरिया (ठेला) पूरी तरह चकनाचूर हो गया। इस हादसे ने शहर में लगे भारी विज्ञापन ढांचों की मजबूती पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऑटो पर गिरा शादी का गेट, सीएम के कार्यक्रम में हड़कंप
तबाही का अगला मंजर एमडी जैन इंटर कॉलेज के सामने दिखा, जहाँ शादी समारोह के लिए लगाया गया लोहे का सजावटी गेट आंधी में उखड़कर सड़क पर खड़े एक ऑटो पर जा गिरा। गनीमत रही कि उस वक्त ऑटो खाली था। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर भी मौसम ने खलल डाला। तेज हवाओं के कारण आयोजन स्थल पर लगी टेंट और अन्य व्यवस्थाएं लड़खड़ाने लगीं, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बनी रही।
ठप हुआ यातायात, धराशायी हुए पेड़
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि शहर के कई मुख्य मार्गों पर पुराने पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए, जिससे बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं और घंटों तक यातायात बाधित रहा। धूल के गुबार के कारण विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि वाहन चालकों को सड़क पर गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया।
चेतावनी: क्या सुरक्षित हैं हम?
बारिश ने तापमान में गिरावट जरूर लाई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक सतर्कता को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। जर्जर यूनिपोल, कमजोर पेड़ और बिना मानकों के लगाए गए अस्थायी प्रवेश द्वार कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। आगरा की यह दोपहर एक चेतावनी है कि मानसून से पहले खतरनाक ढांचों की जांच और सुरक्षा ऑडिट अब अनिवार्य हो गया है।

