आगरा: ताजनगरी के ऐतिहासिक आगरा कॉलेज में युवाओं को पारंपरिक करियर की राह से हटकर ‘एंटरप्रेन्योर’ (उद्यमी) बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। 11 अप्रैल 2026 को वाणिज्य संकाय के नवीन भवन में ‘संस्थान इनोवेशन काउंसिल’ (IIC) और डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के ‘इन्क्यूबेशन फाउंडेशन’ के सहयोग से एक विशेष उद्यमिता जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मूल मंत्र था “युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजक बनाना।”
नवाचार और रचनात्मकता ही सफलता की कुंजी: योगेश तोमर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता योगेश तोमर ने अपनी टीम के साथ विद्यार्थियों को स्टार्टअप संस्कृति की बारीकियों से रूबरू कराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री काफी नहीं है; सफलता के लिए समस्या समाधान की क्षमता और रचनात्मक सोच अनिवार्य है।
उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, “यदि आपके पास कोई अनोखा विचार (Idea) है, तो इन्क्यूबेशन सहायता के जरिए उसे एक सफल बिजनेस मॉडल में बदला जा सकता है।”
राष्ट्र निर्माण में नवाचार की भूमिका
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में नवाचार आधारित सोच विकसित करना था। वक्ताओं ने बताया कि कैसे स्वरोजगार न केवल व्यक्तिगत विकास का मार्ग है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण में भी सबसे बड़ा योगदान है। छात्रों को उद्यमिता गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
वरिष्ठ शिक्षाविदों का रहा मार्गदर्शन
प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम के संरक्षण में आयोजित इस सत्र में उपप्राचार्य एवं आईआईसी नोडल अधिकारी प्रो. पी. बी. झा, क्रिस्प समन्वयक प्रो. सुनीता गुप्ता, आईआईसी अध्यक्ष प्रो. कल्पना चतुर्वेदी एवं उपाध्यक्ष प्रो. आशीष कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इन शिक्षकों ने दी सहभागिता
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो. अल्पना ओझा, प्रो. गौरव कौशिक, प्रो. आनंद पी. सिंह, प्रो. दीपाली सिंह, डॉ. सपना तोमर, डॉ. सत्यदेव, डॉ. माधुरी यादव, प्रो. रिजु निगम, डॉ. अविनाश जैन, प्रो. संजीव शर्मा और प्रो. रीता निगम सहित गौरव प्रकाश, डॉ. पारुल महाजन, डॉ. कृष्णवीर सिंह यादव एवं डॉ. रवि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

