आगरा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने कहा कि आगरा में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के आवास पर हमला पूर्व नियोजित था। ये आला अधिकारियों की जानकारी में था और इसमें शासन का भी पूरा सहयोग था। ईद के बाद समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू करने जा रही है।
सपा महासचिव ने सांसद सुमन के आवास पर पहुंचकर जानकारी ली, बोले- सुमन के आवास पर हमला अधिकारियों की जानकारी में हुआ, शासन का सहयोग रहा
राम गोपाल यादव आज पूर्वाह्न में सांसद रामजी लाल सुमन के आवास पर पहुंचे थे। परिवार के लोगों से मिले और कल की घटना का ब्यौरा लिया। बाद में मीडिया से बात करते हुए राम गोपाल यादव ने कहा कि दुर्भाग्य की बात ये है कि जिस वक्त सुमन के आवास पर हमला हुआ, उस वक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री यहां से एक किलोमीटर दूर एक कार्यक्रम में मौजूद थे।
सपा महासचिव ने कहा कि प्रशासन को जो सख्ती करनी चाहिए थी, वह नहीं की। वे लोग बुलडोजर लेकर आ रहे थे। लाठी डंडे और तलवारें लेकर आ रहे थे। इसके बावजूद किसी को नहीं रोका गया तो इसका क्या निष्कर्ष निकालें हम लोग।
राम गोपाल यादव का कहना था कि इस इस घटना में हमलावरों को शासन का पूरा सहयोग रहा। इतनी बड़ी तादात में लोगों के आने के बाद गिरफ्तारियां कितनी हुईं। उन्होंने कहा कि ये तो किसी हक नहीं कि किसी पर जबर्दस्ती हमला कर दें। लोगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है।
सपा महासचिव ने कहा कि सांसद रामजी लाल संसद ने संसद में जो कुछ कहा, वो मामला संसद में ही निपटता। संसद में ये मामला आज भी उठा। लेकिन यहां तो हमला करने के लिए सांसद के घर पर ही आ गये। परिवार तो छोड़िये, पड़ोसियों को भी नुकसान हुआ। उनकी गाड़ियां टूटीं। इसके लिए पूरी तरह सरकार जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ईद के बाद पूरे प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करने जा रही है। सामंतवादी मनोवृत्ति जिस तरह से पनप रही है, वह चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि ये तो सुमन के आवास पर हमला हुआ, सुमन अगर दलित न होकर उन्हीं की बिरादरी के होते तो क्या ये लोग हमला करते।
सपा महासचिव ने कहा कि ये पूरे पीडीए और दलित समाज पर हमला है। सपा इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। हम ईद तक देख रहे हैं। अगर कार्यवाही नहीं होती है तो प्रदेश भर में आंदोलन चलाएंगे। हम लोग पूरी ताकत लगा देंगे और सरकार को हिला देंगे। सरकार को कार्रवाई करने के लिए मजबूर कर देंगे। अगर कार्रवाई नहीं होगी तो पूरे राज्य और राज्य के बाहर भी आंदोलन फैल सकता है।