‘सेवा तीर्थ’ नामकरण पर संजय सिंह का तीखा प्रहार— अगली बार लोग नारियल और अगरबत्ती लेकर आएंगे…

Politics

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’ कहे जाने पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस नामकरण से ऐसा संदेश दिया जा रहा है जैसे प्रधानमंत्री खुद को किसी अवतार के रूप में प्रस्तुत कर रहे हों। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि फिर लोगों को नारियल और अगरबत्ती लेकर पूजा करने आना चाहिए।

एक टीवी चैनल से बातचीत में संजय सिंह ने कहा कि बीते 12 वर्षों में आम लोगों को महंगाई से राहत और युवाओं को रोजगार नहीं मिला। उनका आरोप था कि सरकार इमारतों के निर्माण पर जोर दे रही है, लेकिन उन इमारतों में जनहित से जुड़े काम नजर नहीं आते।

रोजगार और वादों पर उठाए सवाल

आप सांसद ने कहा कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने, काला धन वापस लाने और लोगों के खातों में 15 लाख रुपये आने जैसे वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी को पक्का मकान देने का लक्ष्य भी तय समय तक पूरा नहीं हुआ। उनके मुताबिक सरकार को अपने कामकाज का हिसाब देना चाहिए।

सरकारी भवनों के नामकरण पर भी टिप्पणी

संजय सिंह ने विभिन्न सरकारी भवनों के नामकरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से ज्यादा जरूरी है यह बताना कि जनता के लिए वास्तविक काम क्या हो रहा है। उनके अनुसार केवल प्रतीकात्मक बदलाव से लोगों की समस्याएं हल नहीं होंगी।

सेवा के दावे पर उठाया सवाल

उन्होंने कहा कि सरकार किस तरह देश की सेवा कर रही है, यह स्पष्ट नहीं है। उनका आरोप था कि नीतियों का लाभ बड़े उद्योगपतियों को ज्यादा मिल रहा है, जबकि आम जनता को अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही।

वंदे मातरम् पर भी रखी राय

वंदे मातरम् के मुद्दे पर संजय सिंह ने कहा कि देशभक्ति को किसी एक प्रतीक से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी को पूरा वंदे मातरम् नहीं आता तो क्या उसे देशभक्त नहीं माना जाएगा। उनके मुताबिक देशभक्ति का पैमाना लोगों का योगदान और जिम्मेदारी है।

चुनावी संदर्भ का लगाया आरोप

संजय सिंह ने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दे चुनावी माहौल को ध्यान में रखकर उठाए जाते हैं। उनका दावा था कि जनता को मूल मुद्दों से भटकाने की कोशिश होती है और लोगों को इस पर ध्यान देना चाहिए।