मेरठ। भाजपा के फायरब्रांड नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम ने एक बार फिर अपने बयानों से राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मेरठ के एक फार्म हाउस में आयोजित भव्य होली मिलन समारोह के दौरान संगीत सोम ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की तुलना देश के संवेदनशील मुद्दों से करते हुए ‘बाबरी’ की नींव न पड़ने देने की हुंकार भरी।
ईरान-इजरायल युद्ध का दिया हवाला
मंच से जनता को संबोधित करते हुए संगीत सोम ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता का नाम लेते हुए कहा, “जो ताकतें अपने सर्वोच्च नेता खामेनेई तक की सुरक्षा नहीं कर सकतीं, वे भारत में बाबरी मस्जिद के निर्माण का ख्वाब देख रही हैं।” उन्होंने वहां मौजूद हजारों लोगों को संकल्प दिलाया कि किसी भी कीमत पर ऐसी विवादित विचारधारा को फिर से पनपने नहीं दिया जाएगा।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में ‘शक्ति प्रदर्शन’
यह कार्यक्रम केवल होली मिलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे संगीत सोम के बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। मंच पर मिजोरम के पूर्व राज्यपाल जनरल वीके सिंह, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह जैसे दिग्गज नेता मौजूद थे। इन बड़े चेहरों की मौजूदगी में संगीत सोम ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से बिगुल फूंक दिया है।
2027 के लिए ‘350 पार’ का दावा
आगामी चुनावों पर भरोसा जताते हुए संगीत सोम ने दावा किया कि 2027 में भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में 350 से ज्यादा सीटें जीतकर फिर से सरकार बनाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक जीत की शुरुआत उनकी अपनी सीट से होगी। संगीत सोम के इस बयान को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व कार्ड और चुनावी तैयारी को धार देने के रूप में देखा जा रहा है।

