आगरा: ताजनगरी के कमिश्नरेट पुलिस की नाक के नीचे हर्ष फायरिंग का एक और सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। मामला फतेहाबाद थाना क्षेत्र के नगला हाजी गांव का बताया जा रहा है, जहां कुछ युवक हाथों में एक-दो नहीं, बल्कि कई हथियार लेकर खुलेआम फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। रील (Reel) बनाकर रसूख दिखाने के चक्कर में युवाओं ने न केवल अपनी जान जोखिम में डाली, बल्कि देश की सर्वोच्च अदालतों के आदेशों को भी ठेंगे पर रख दिया।
लाइसेंसी और अवैध हथियारों का ‘खूनी’ प्रदर्शन
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक बेखौफ अंदाज में हवा में गोलियां दाग रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस ‘डिजिटल दबंगई’ में लाइसेंसी हथियारों के साथ-साथ अवैध असलहों का भी धड़ल्ले से इस्तेमाल किया गया है। रील संस्कृति के नाम पर युवाओं का यह जानलेवा शौक इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह है कि आखिर इन युवकों के पास इतने हथियार कहाँ से आए और इन्हें कानून का रत्ती भर भी खौफ क्यों नहीं है?
कोर्ट के आदेशों की धज्जियां, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की सख्त हिदायतों के बावजूद आगरा में हर्ष फायरिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रील पर लाइक्स और व्यूज बटोरने के लिए हथियारों का प्रदर्शन अब एक ‘स्टेटस सिंबल’ बन चुका है। नगला हाजी गांव के इस कथित वीडियो ने फतेहाबाद पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पुलिस को भनक भी नहीं लगी कि उसके इलाके में सरेआम फायरिंग का ‘शूट’ चल रहा है?
क्या होगा एक्शन? लाइसेंस निरस्तीकरण की मांग
हर्ष फायरिंग केवल दिखावा नहीं, बल्कि एक जानलेवा अपराध है। आर्म्स एक्ट के तहत लाइसेंसी हथियार का इस तरह प्रदर्शन करना शर्तों का खुला उल्लंघन है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब जनता पूछ रही है कि क्या आगरा पुलिस केवल वीडियो देखने तक सीमित रहेगी या फिर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी और हथियारों के लाइसेंस निरस्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई करेगी?
डिजिटल रसूख की सनक पड़ सकती है भारी
जानकारों का कहना है कि हवा में चलाई गई गोली कहीं भी गिरकर किसी बेगुनाह की जान ले सकती है। ऐसे में रील बनाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल समाज के लिए एक खतरनाक संकेत है। फिलहाल, पुलिस वीडियो की सत्यता की जांच में जुटी है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। अब देखना होगा कि कमिश्नरेट पुलिस इन ‘फेसबुकिया दबंगों’ की गर्मी कैसे शांत करती है।

