मुंबई (अनिल बेदाग): भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है, जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक नामुमकिन लगती थी। सुपरस्टार रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लाते हुए केवल अपने हिंदी वर्जन से ₹1000 करोड़ नेट का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है।
इस अविश्वसनीय उपलब्धि के साथ रणवीर ने वह कर दिखाया है जिसे आज तक कोई भी दिग्गज अभिनेता नहीं छू सका था। यह रिकॉर्ड न केवल फिल्म की सफलता की कहानी कहता है, बल्कि यह बदलते बॉलीवुड के बढ़ते रसूख और दर्शकों की बेमिसाल दीवानगी का सबूत भी है।
डबल रोल में रणवीर का ‘पावर-पैक’ प्रदर्शन
फिल्म की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे रणवीर सिंह का वह जुनून है, जो पर्दे पर ‘हमज़ा’ और ‘जसकीरत’ के किरदारों में साफ झलकता है। उन्होंने इन दोनों भूमिकाओं में जिस सूक्ष्मता और हाई-वोल्टेज ऊर्जा का संचार किया है, उसने समीक्षकों को भी दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि यह परफॉर्मेंस रणवीर के करियर की सबसे बड़ी पूंजी साबित होगी, जिसने उन्हें अपनी पीढ़ी का सबसे प्रभावशाली अभिनेता बना दिया है।
नए ‘क्लब’ के संस्थापक बने रणवीर
इतिहास खुद को दोहराता है, लेकिन एक नए स्केल के साथ। जिस तरह दशकों पहले आमिर खान ने ‘गजनी’ के साथ ₹100 करोड़ क्लब की नींव रखी थी, ठीक उसी तरह रणवीर सिंह ने अब ₹1000 करोड़ क्लब का उद्घाटन कर दिया है। यह पल बॉलीवुड के भविष्य की एक नई लकीर खींचता है, जहाँ स्टार पावर, बेहतरीन कंटेंट और अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रोडक्शन मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।
‘धुरंधर’ की यह सफलता यह साफ कर देती है कि यदि कंटेंट में दम हो और कलाकार अपना सर्वस्व झोंक दे, तो भारतीय सिनेमा के लिए पूरी दुनिया छोटा मैदान है। फिलहाल, पूरी इंडस्ट्री और फैंस इस ‘धुरंधर’ जीत के जश्न में डूबे हुए हैं।

