आगरा में रामनवमी की धूम: दरियानाथ मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा, ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंजी ताजनगरी

विविध

​आगरा: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव ‘रामनवमी’ पर ताजनगरी पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगी नजर आई। शहर के कोने-कोने में कहीं भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं, तो कहीं हवन-पूजन और कन्या भोज के जरिए शक्ति की उपासना हुई। राजामंडी से लेकर सेंट्रल जेल तक, हर जगह श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

सिद्ध श्री दरियानाथ मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा

​राजामंडी स्थित प्राचीन सिद्ध श्री दरियानाथ मंदिर से निकली शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। नाथ संप्रदाय के संतों, महंत योगी दीदारनाथ जी और योगी बुद्धनाथ जी ने भगवान राम व हनुमान जी की आरती कर भगवा ध्वज फहराया और यात्रा का शुभारंभ किया।

नासिक के ढोल, ऊंटों की सवारी, और कैला देवी व महाकाल की जीवंत झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया। राजामंडी से शुरू होकर यह यात्रा पंचकुइया, गोकुलपुरा और बल्का बस्ती होते हुए वापस मंदिर पहुंची। 2008 से निरंतर निकल रही इस यात्रा का उद्देश्य सामाजिक चेतना जगाना है।

​मां अंजनी धाम महोत्सव: 651 किलो फलों का डोला और महाकाल की पालकी

​आगामी हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में फुलट्टी चौक को मां अंजनी धाम के रूप में सजाया जा रहा है। संस्थापक कमल शर्मा ‘पप्पू’ ने बड़े कार्यक्रमों की घोषणा की है।

​31 मार्च को सेव का बाजार से प्राचीन मां भगवती मंदिर तक अंजनी माता की यात्रा और महाआरती होगी। 01 अप्रैल को सिटी स्टेशन रोड से निकलने वाली भव्य शोभायात्रा में 651 किलो फलों का डोला, उज्जैन के राजा महाकाल की पालकी और इस्कॉन रॉक बैंड जैसे 40 मुख्य आकर्षण होंगे।

सेंट्रल जेल में गूंजे भजन: कैदियों ने किया हवन

रामनवमी का उत्साह केवल गलियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेंट्रल जेल की सलाखों के पीछे भी भक्ति की बयार बही। सत्यमेव जयते ट्रस्ट और श्री चन्द्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट के सहयोग से जेल परिसर में हवन का आयोजन किया गया। कैदियों ने स्वयं भजन गाए और सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की। अंत में सभी को हलवा-चने का प्रसाद वितरित किया गया।

खाटू श्याम मंदिर में कन्या पूजन और कावेरी मंदिर में रामकथा

कटरा जोगिया स्थित श्री दाऊजी महाराज खाटू श्याम मंदिर में सामूहिक कन्या-लंगूरा पूजन हुआ। महिलाओं ने माता रानी के भजनों पर नृत्य किया और नौ देवियों की विधि-विधान से पूजा की।

​कावेरी मंदिर में चल रही नौ दिवसीय रामकथा में कथा व्यास भगवान भैया जी ने ‘सती चरित्र’ का वर्णन किया। उन्होंने संदेश दिया कि संदेह पतन का कारण है, जबकि विश्वास ही जीवन की सही दिशा तय करता है।