आगरा: ताजनगरी के प्रतिष्ठित दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (DEI) में शनिवार को 44वां दीक्षांत समारोह अत्यंत भव्यता और गरिमामयी परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। संस्थान के दीक्षांत हॉल में आयोजित इस समारोह में जहाँ हजारों छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक मेहनत का फल ‘उपाधि’ के रूप में मिला, वहीं विशेषज्ञों ने उन्हें भविष्य के ‘विकसित भारत’ का सारथी बनने का मंत्र दिया।
मेडल और डिग्रियों का ऐतिहासिक आँकड़ा
समारोह के दौरान संस्थान ने विभिन्न संकायों के मेधावियों पर पदकों और डिग्रियों की वर्षा की:
मुख्य पदक: 88 छात्रों को ‘डायरेक्टर मेडल’ और 02 उत्कृष्ट मेधावियों को ‘प्रेसिडेंट मेडल’ से नवाजा गया।
उच्च शिक्षा: 109 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई।
डिग्री वितरण: 1560 अंडरग्रेजुएट (UG) और 616 पोस्टग्रेजुएट (PG) डिग्रियां बांटी गईं।
डिप्लोमा एवं अन्य: इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, और एलिमेंट्री एजुकेशन सहित कुल 900 से अधिक डिप्लोमा और 519 सर्टिफिकेट कोर्स की उपाधियां प्रदान की गईं।
प्रो. महेंद्र देव का आह्वान: ‘चुनौतियों को अवसरों में बदलें’
मुख्य अतिथि, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के अध्यक्ष प्रो. एस. महेंद्र देव ने अपने संबोधन में वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भू-राजनीतिक संघर्ष और आर्थिक बदलाव बड़ी चुनौतियां हैं, लेकिन भारतीय युवाओं के पास नवाचार (Innovation) के जरिए इन्हें अवसरों में बदलने की क्षमता है। उन्होंने दयालबाग के ‘लाइफ’ (LiFE) मॉडल की सराहना करते हुए इसे सतत विकास का वैश्विक उदाहरण बताया।
संस्थान की प्रगति: एआई और सौर ऊर्जा में मिसाल
संस्थान के निदेशक प्रो. सी. पटवर्धन ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि DEI अब केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं है।
तकनीक: संस्थान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विशेष पहल शुरू की गई है।
पर्यावरण: परिसर में 14 सौर ऊर्जा संयंत्र संचालित हैं, जो 1 मेगावाट पीक (MWp) बिजली पैदा कर रहे हैं।
मान्यता: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संस्थान को अंतरराष्ट्रीय ISO 21001:2018 प्रमाणन से सम्मानित किया गया है।
दिग्गजों का सम्मान
इस अवसर पर डीईआई के विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार (Alumni Award) से सिंगापुर के सफल उद्यमी खुशी राम को सम्मानित किया गया। वहीं, प्रो. एस. महेंद्र देव को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘एसएसआई लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ दिया गया।
सांस्कृतिक छटा और वैश्विक प्रसारण
समारोह की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष गुर सरूप सूद ने की। इस अवसर पर गुरु महाराज प्रो. पी.एस. सत्संगी साहब एवं रानी साहिबा की प्रेरक उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को बढ़ा दिया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देश-विदेश में स्थित संस्थान के सभी केंद्रों पर किया गया। समापन पर छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रदर्शनी ने अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

