नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में बुधवार को चुनाव सुधारों पर हुई अहम चर्चा ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने बहस में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झूठ फैला रही है और अतीत में “वोट चोरी” की राजनीति करती रही है। गृहमंत्री के बयान के विरोध में कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
सदन से बाहर निकलने के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि गृह मंत्री का वोट चोरी पर दिया गया जवाब “घबराया हुआ और रक्षात्मक” था। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार डिजिटल, मशीन-रीडेबल और पारदर्शी वोटर रोल की बात पर चुप है, जबकि EVM की पारदर्शी ऑडिट को लेकर घबराहट दिखा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राज्यों में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा वोट करने के गंभीर मुद्दे पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
राहुल ने आगे लिखा कि CJI को चयन प्रक्रिया से हटाने, चुनाव आयोग को इम्यूनिटी देने, और CCTV फुटेज उपलब्ध न कराने जैसे मुद्दों पर भी सरकार ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, “वोट चोरी सबसे बड़ा देशद्रोह है।”
अमित शाह ने कांग्रेस के आरोपों पर किया पलटवार
सदन में बोलते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर चुनावों में धांधली के आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में बिहार और यूपी में “पूरे के पूरे पर्चों के बक्से गायब हो जाते थे।” शाह ने कहा कि EVM के आने के बाद वोट चोरी बंद हुई, इसलिए कांग्रेस को तकलीफ हो रही है।
उन्होंने कहा, “दोष EVM का नहीं है। चुनाव जीतने का तरीका जनादेश नहीं था, तरीका भ्रष्ट था। अब ये एक्सपोज़ हो चुके हैं।” शाह के बयान के बाद सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
चुनाव सुधारों पर चल रही यह बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

