उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी के फटने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि टंकी से पानी किसी झरने की तरह तेजी से बाहर निकल रहा है। इस घटना ने सूबे की सियासत में हलचल मचा दी है, जिसके बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर तीखे हमले किए हैं।
अखिलेश यादव का सरकार पर तंज
अखिलेश यादव ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (X) हैंडल पर साझा करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा, “टंकी के रूप में ‘भाजपाई भ्रष्टाचार’ का पेट फट रहा है।” सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि सुनने में आया है कि भाजपा शासन में जहां भी पानी की टंकियां बन रही हैं, वहां के निवासियों का बीमा करने से इंश्योरेंस कंपनियां भी घबराने लगी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘डबल इंजन’ सरकार का सारा पैसा कमीशनखोरी की भेंट चढ़ रहा है, जिसके कारण ठेकेदार जानलेवा निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने यह तक कह दिया कि अगली बार किसी टंकी के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों को उसके नीचे खड़ा किया जाना चाहिए।
जांच में निकला रंजिश का एंगल
सियासी बयानबाजी के बीच, इस पूरे मामले ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में पता चला है कि यह घटना किसी भ्रष्टाचार का परिणाम नहीं, बल्कि ‘आपसी रंजिश’ का नतीजा थी। बताया जा रहा है कि राजपुर भरैवा गांव में तैनात रहे पूर्व पंप ऑपरेटर को हाल ही में पद से हटा दिया गया था, जिससे वह बेहद नाराज था।
आरोप है कि उसी पूर्व ऑपरेटर ने अपने बेटे निहाल के साथ मिलकर टंकी में लगे ‘पीवीसी लाइनर’ (पानी स्टोर करने वाला गुब्बारानुमा ट्यूब) को धारदार हथियार से काट दिया। पानी लीक होने के बाद उसने स्वयं ही इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था ताकि सरकार को बदनाम किया जा सके। अब पुलिस ने पूर्व पंप ऑपरेटर और उसके बेटे के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।


