नई दिल्ली: कांग्रेस ने कुख्यात अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) से जुड़े दस्तावेजों के खुलासे के बाद केंद्र सरकार और विशेष रूप से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनसनीखेज आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरदीप सिंह पुरी के एपस्टीन के साथ ऐसे रिश्ते थे, जो भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर रहे थे।
लॉन्च से पहले लीक हुई ‘डिजिटल इंडिया’ की जानकारी?
पवन खेड़ा ने दावा किया कि 13 नवंबर 2014 को एपस्टीन ने लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन को एक ईमेल भेजा था, जिसमें उसने ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम का जिक्र किया था। गौर करने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री ने इस योजना की आधिकारिक शुरुआत जुलाई 2015 में की थी। खेड़ा ने सवाल उठाया कि “जब हरदीप पुरी उस समय सरकार का हिस्सा नहीं थे, तो उनके पास यह गोपनीय जानकारी कहाँ से आई और उन्होंने इसे एपस्टीन को क्यों साझा किया?”
विदेश नीति पर एपस्टीन का प्रभाव?
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एपस्टीन भारत की मध्य पूर्व (Middle East) नीति से नाराज था और हरदीप पुरी के जरिए अपना प्रभाव डाल रहा था। खेड़ा ने सवाल किया, “क्या एपस्टीन की नाराजगी के कारण ही पीएम मोदी ने अपनी फिलिस्तीन यात्रा टालकर इजराइल जाने का फैसला किया था? क्या भारत की विदेश नीति दिल्ली के बजाय अमेरिका में बैठा एक दलाल तय कर रहा था?”
झूठ बोलने का आरोप और इस्तीफे की मांग
पवन खेड़ा ने हरदीप पुरी के हालिया इंटरव्यू को ‘झूठ का पुलिंदा’ बताया। उन्होंने कहा कि पुरी का यह दावा गलत है कि उनकी एपस्टीन से ज्यादा बात नहीं हुई। दस्तावेजों के हवाले से उन्होंने कहा कि पुरी खुद एपस्टीन से मिलने का समय मांगते थे। खेड़ा ने सवाल किया कि 2008 में ही यौन अपराधी घोषित हो चुके व्यक्ति से एक पूर्व राजनयिक और वर्तमान मंत्री बार-बार क्यों मिल रहे थे? कांग्रेस ने नैतिकता के आधार पर हरदीप पुरी के इस्तीफे की मांग की है।

