पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 16 साल बाद आ रहे हैं भारत यात्रा पर, पीएम मोदी से साथ करेंगे द्विपक्षीय बैठक

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नई दिल्ली: पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क पूरे 16 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत आमंत्रण पर वह आगामी 21 से 23 अक्टूबर, 2026 तक भारत के दौरे पर रहेंगे। खास बात यह है कि पोलैंड ने हाल ही में आतंकवाद के मुद्दे पर स्पष्ट रूप से कहा है कि वह हर परिस्थिति में भारत के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।

​दो दशकों में प्रधानमंत्री के तौर पर दूसरी यात्रा

डोनाल्ड टस्क इससे पहले वर्ष 2010 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान पोलैंड के प्रधानमंत्री के रूप में भारत आए थे। हालांकि, वह 2017 में भी नई दिल्ली आ चुके हैं, लेकिन उस दौरान उन्होंने यूरोपीय परिषद (European Council) के अध्यक्ष के रूप में ‘इंडिया-ईयू समिट’ में हिस्सा लिया था।

​विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ वहां के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री अंद्रेज डोमांस्की (Andrzej Domanski) भी एक उच्चस्तरीय और बड़े व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल (Business Delegation) के साथ भारत पहुँच रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 22 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी विस्तृत द्विपक्षीय चर्चा होगी।

​रणनीतिक साझेदारी और व्यापारिक समझौतों पर जोर

इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों नेता पिछले साल अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक पोलैंड यात्रा के बाद से दोनों देशों के बीच मजबूत हुई रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे। आपको बता दें कि वह यात्रा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की 45 वर्षों के बाद पहली पोलैंड यात्रा थी। इसके अलावा, दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।

अपनी इस भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री टस्क बेंगलुरु भी जाएंगे, जहाँ उनका सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और अंतरिक्ष (Space) सेक्टर से जुड़े विभिन्न व्यावसायिक हितधारकों (Stakeholders) के साथ मिलने का कार्यक्रम तय किया गया है। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में और 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में ‘भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम’ का आयोजन किया जाएगा।

​आतंकवाद के खिलाफ भारत का मजबूत साझीदार

​विदेश मंत्रालय का मानना है कि पोलैंड के प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊँचाई पर ले जाएगी। इसके माध्यम से व्यापार, निवेश, रक्षा, नई तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और जन-से-जन के आपसी संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने के नए अवसर खुलेंगे।

गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में ही भारत में पोलैंड के राजदूत प्योत्र एंटोनी स्विताल्स्की ने यह बयान दिया था कि जब भी आतंकवाद का मुकाबला करने की बात आएगी, पोलैंड पूरी तरह से भारत के साथ खड़ा है, क्योंकि पोलैंड भी आतंकवाद की विभीषिका को भली-भांति समझता है।