मुंबई: पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनी पॉवर फाइनेंस कारपोरेशन (PFC) ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी सफलता की एक नई पटकथा लिखी है। कंपनी ने न केवल रिकॉर्ड तोड़ मुनाफा दर्ज किया है, बल्कि अपनी एसेट क्वालिटी और बैलेंस शीट को भी नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है। पीएफसी अब देश की सबसे अधिक लाभ कमाने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के रूप में मजबूती से उभरी है।
मुनाफे में 10% की शानदार उछाल
पीएफसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का कंसोलिडेटेड पीएटी (PAT) 10 प्रतिशत बढ़कर ₹33,625 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गया है। वहीं, अगर स्टैंडअलोन आधार पर बात करें तो कंपनी के लाभ में 16 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि देखी गई है, जो अब ₹20,051 करोड़ हो गया है।
मजबूत बैलेंस शीट और सुधरती एसेट क्वालिटी
पीएफसी की वित्तीय स्थिति वर्तमान में किसी भी पावर सेक्टर की वित्तीय संस्था के मुकाबले सबसे ठोस नजर आ रही है:
कुल बैलेंस शीट: ₹12.40 लाख करोड़ के पार।
नेटवर्थ: बढ़कर ₹1.73 लाख करोड़ हुई।
एनपीए (NPA) में गिरावट: कंपनी ने अपनी एसेट क्वालिटी में जबरदस्त सुधार किया है। ग्रॉस एनपीए घटकर 0.66 प्रतिशत और नेट एनपीए मात्र 0.13 प्रतिशत रह गया है, जो रिकवरी की सफल रणनीति का प्रमाण है।
PFC और REC विलय: पावर सेक्टर की नई ‘सुपरपावर’
सीएमडी परमिन्दर चोपड़ा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह वर्ष पीएफसी के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने पीएफसी और आरईसी (REC) के प्रस्तावित विलय को गेम-चेंजर बताया। चोपड़ा के अनुसार, यह विलय पावर सेक्टर को एक अधिक मजबूत, कुशल और सक्षम वित्तीय संस्था प्रदान करेगा, जिससे पूंजी क्षमता में भी भारी इजाफा होगा।
शेयरधारकों के लिए खुशखबरी
कंपनी ने अपने निवेशकों का ख्याल रखते हुए ₹18.55 प्रति शेयर के कुल डिविडेंड की घोषणा की है। टीआरएन एनर्जी और सिन्नर थर्मल जैसे प्रोजेक्ट्स के सफल समाधान ने कंपनी के आत्मविश्वास को और बढ़ाया है। अब पीएफसी का मुख्य फोकस भविष्य की नई तकनीकों और ‘एनर्जी ट्रांजिशन’ की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने पर है।
नोट- कंपनी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति

