लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोशल मीडिया पर छिड़ी जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और मंत्री ओपी राजभर ने ऑटो चलाते हुए अपनी एक फोटो शेयर करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर करारा प्रहार किया है। राजभर ने इस फोटो को अपने संघर्षों का प्रतीक बताया है।
‘विरासत बनाम संघर्ष’ का मुद्दा
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए लिखा, “अखिलेश यादव जी, आप चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। आपको विरासत में बड़ी गाड़ियां, विदेश में पढ़ाई और मुख्यमंत्री की गद्दी मिली है। आपने इस राजनीति को ट्विटर, एसी और पीसी तक सीमित कर दिया है।”
राजभर ने दावा किया कि उनकी यह फोटो उनके संघर्षों की याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि उनके लिए राजनीति एसी कमरों में बैठकर ‘ड्रामा’ करना नहीं, बल्कि 45 डिग्री की तपती गर्मी में गांव की पगडंडियों पर चलकर जनता के दुख सुनना है।
2027 के चुनाव पर सीधा चैलेंज
सपा अध्यक्ष के ट्रोलर्स द्वारा अपनी फोटो का मजाक उड़ाए जाने पर राजभर ने कहा, “हमारी इस फोटो पर हंसने वाले ये जान लें कि यही रिक्शा और ठेला चलाने वाले लोग 2027 में आपकी 2011 वाली साइकिल को 2017 की तरह पलट देंगे और कचर देंगे।” उन्होंने खुद को अति पिछड़ों, दलितों और वंचितों की आवाज बताते हुए कहा कि वे सत्ता के लिए नहीं, बल्कि समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति की लड़ाई लड़ रहे हैं।
पिता का अपमान और संस्कारों पर सवाल
ओपी राजभर ने व्यक्तिगत प्रहार करते हुए अखिलेश यादव पर अपने पिता का अपमान करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “आप पढ़े-लिखे हो सकते हैं, लेकिन संस्कारी नहीं हैं। आप अपने पिता का अपमान करके राजनीति में आए, जबकि हमने अपने पिता का आशीर्वाद लेकर संघर्ष की शुरुआत की।”
राजभर ने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि जिस आदमी ने गरीबी, भूख और अपमान को करीब से देखा हो, उसे सोशल मीडिया के ट्रोल्स और दिखावे की राजनीति से नहीं डराया जा सकता। इस बयान ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक माहौल में गर्मी बढ़ा दी है और अब सपा की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।


