दिल्ली पुलिस ने कंझावला केस के छठे अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है. समाचार एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस के हवाले से कहा है कि गिरफ़्तार व्यक्ति ही उस कार का मालिक है जिससे मृतका को 12 किलोमीटर तक घसीटा गया.
पुलिस को इनकी तलाश थी और इन पर अन्य अभियुक्तों को बचाने का आरोप है. पुलिस का कहना है कि छठा अभियुक्त कार में बैठे एक व्यक्ति का भाई है.
दिल्ली पुलिस गुरुवार को पांच अभियुक्तों को चिकित्सकीय जांच के लिए मंगोलपुरी के संजय गांधी अस्पताल लेकर भी गई थी. सावधानी बरतते हुए पुलिस रात को अस्पताल पहुंची थी.
दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि छठे अभियुक्त ने पुलिस को ग़लत जानकारी दी थी और मामले की आगे की जांच जारी है.
इस मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही पांच लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है.
पुलिस का कहना है कि पहले गिरफ़्तार किए गए पांचों लोग घटना के वक़्त कार में सवार थे और उन्होंने छठे अभियुक्त से गाड़ी ली थी.
इस बीच दिल्ली पुलिस ने उन रिपोर्टों को खारिज किया है कि प्रत्यक्षदर्शी महिला को गिरफ़्तार किया गया है. दिल्ली पुलिस ने स्पष्टीकरण दिया है कि घटना के वक़्त मृतक लड़की के साथ मौजूद रही प्रत्यक्षदर्शी महिला को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. इस मामले में मृतका की एक जनवरी को तड़के मौत हो गई थी.
पुलिस के मुताबिक कृष्ण विहार इलाक़े में टक्कर के बाद उसका शरीर कार में फंस गया था और करीब 10-12 किलोमीटर तक घिसटता रहा.
पुलिस ने शुरुआत में पांच लोगों को गिरफ़्तार किया था.
पुलिस ने इस मामले में कुछ अहम बातें बताईं थीं-
कॉल डिटेल से सामने आया है कि अभियुक्तों और मृतका का कोई पुराना कनेक्शन नहीं है.
इसी तरह अभियुक्त और चश्मदीद लड़की का भी कोई कनेक्शन नहीं है.
पोस्टमॉर्टम में यौन अपराध से जुड़ी कोई चोट नहीं मिली है.
पीड़िता और चश्मदीद लड़की के बीच 29, 30 और 31 दिसंबर के बीच 25 से 30 कॉल हुई थीं.
Compiled: up18 News