अब हाईवे पर नहीं चलेगी मनमानी! आगरा ट्रैफिक पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ मुहिम, ओवरस्पीडिंग पर ऑन-स्पॉट चालान

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आगरा। ताजनगरी की सड़कों और हाईवे पर हादसों के ग्राफ को कम करने के लिए आगरा ट्रैफिक पुलिस अब पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। पुलिस उपायुक्त (यातायात) सोनम कुमार के नेतृत्व में यमुना एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे-19 पर एक विशेष घेराबंदी की गई, जिसका मुख्य निशाना वो वाहन चालक थे जो निर्धारित गति सीमा को ताक पर रखकर गाड़ियां दौड़ा रहे थे। इस मुहिम में पुलिस ने आधुनिक तकनीकों का सहारा लेकर नियम तोड़ने वालों के हाथ में मौके पर ही चालान थमा दिए।

रडार गन से ‘सटीक’ वार: पलक झपकते ही पकड़ी गई ओवरस्पीडिंग

इस विशेष अभियान की सबसे बड़ी खासियत रही ‘हाईटेक स्पीड रडार गन’ का इस्तेमाल। पुलिस की टीमों ने रणनीतिक रूप से इन मशीनों को हाईवे पर तैनात किया, जिससे दूर से ही तेज रफ़्तार वाहनों की सटीक गति रिकॉर्ड हो गई। पुलिस के इस चक्रव्यूह में फंसने वाले चालकों के खिलाफ तत्काल विधिक कार्रवाई की गई। आधुनिक उपकरणों की मदद से अब ओवरस्पीडिंग करने वालों का बच निकलना लगभग नामुमकिन हो गया है।

एसीपी ट्रैफिक की चेतावनी: “रफ़्तार नहीं, जान की कीमत समझें”

मौके पर मौजूद एसीपी ट्रैफिक इमरान अहमद ने स्पष्ट किया कि हाईवे पर होने वाली मौत का सबसे बड़ा कारण तेज रफ़्तार है। उन्होंने कहा कि स्पीड रडार गन का प्रयोग केवल दंड देने के लिए नहीं, बल्कि रफ़्तार पर लगाम लगाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नियम तोड़ने वालों की पहचान अब तकनीक के जरिए पारदर्शी और तेज हो गई है।

​मकसद सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि सुरक्षा का अहसास

ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस सघन चेकिंग का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि हर नागरिक को सुरक्षित उनके घर पहुंचाना है। “चालान नहीं, सुरक्षा प्राथमिकता” के संकल्प के साथ पुलिस टीम ने ड्राइवरों को जागरूक भी किया। पुलिस ने अपील की है कि एक्सप्रेसवे पर लेन ड्राइविंग का पालन करें, सीट बेल्ट लगाएं और दोपहिया वाहनों पर हेलमेट को बोझ न समझें।

​जारी रहेगा अभियान, नियमों की अनदेखी पर कड़ी नजर

डीसीपी ट्रैफिक के निर्देशानुसार, यह अभियान महज एक दिन की कवायद नहीं है। आगामी दिनों में एक्सप्रेसवे और प्रमुख संपर्क मार्गों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत चेकिंग और तेज की जाएगी। यातायात पुलिस का लक्ष्य तकनीक और मुस्तैदी के मेल से आगरा की सड़कों को दुर्घटनामुक्त बनाना है।