आगरा: भारतीय कला, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए समर्पित संस्था ‘संस्कार भारती’ के आगरा महानगर की वार्षिक साधारण सभा में आगामी सत्र के लिए नई कार्यकारिणी का एलान कर दिया गया है। जयपुर हाउस स्थित श्री राम मंदिर में आयोजित इस गरिमामयी सभा में आर्किटेक्ट राजीव द्विवेदी को महानगर अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है, जबकि ओम स्वरूप गर्ग को महानगर महामंत्री और राजीव सिंघल को महानगर कोषाध्यक्ष का दायित्व दिया गया है।
कला में भारतीय दृष्टि का विकास ही मुख्य लक्ष्य
सभा को संबोधित करते हुए प्रांतीय महामंत्री नन्द नन्दन गर्ग ने कहा कि संस्कार भारती का मूल उद्देश्य देश की विविध कलाओं में ‘भारतीय दृष्टि’ को जीवित रखना और उसे नई पीढ़ी के बीच पुष्पित-पल्लवित करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा हमारे साहित्य और कला में वास करती है, और संस्था इसी चेतना को समाज में पुनर्स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है।
कार्यकारिणी का विस्तार: इन्हें मिली जिम्मेदारी
प्रांतीय महामंत्री ने सांगठनिक ढांचे को मजबूती प्रदान करते हुए अन्य महत्वपूर्ण पदों की भी घोषणा की:
उपाध्यक्ष: प्रेमचंद अग्रवाल ‘सुपारी’, अनीता भार्गव, अशोक अग्रवाल ‘सिल्वर’, प्रो. बिन्दु अवस्थी, कवि अशोक गोयल और संजय अग्रवाल।
मंत्री: श्याम तिवारी, नीता गर्ग, सीए विवेक अग्रवाल, डॉ. मनोज कुमार और मीना अग्रवाल।
सह कोषाध्यक्ष: छीतरमल गर्ग।
कला विधाओं के अनुसार संयोजकों की नियुक्ति
संगठन ने विभिन्न विधाओं में विशेषज्ञता को देखते हुए विशिष्ट संयोजकों को भी नियुक्त किया है:
मंचीय व नाट्य कला: इंजीनियर नीरज अग्रवाल (मंचीय कला) और उमाशंकर मिश्रा (नाटक)।
संगीत व दृश्य कला: पंडित देवाशीष गांगुली (संगीत), डॉ. आभा सिंह (दृश्यकला), डॉ. एकता श्रीवास्तव (चित्रकला) और रश्मि सिंह (सहसंयोजक-चित्रकला)।
साहित्य व काव्य: प्रभुदत्त उपाध्याय (साहित्य), अलका शर्मा (काव्य गोष्ठी) और एडवोकेट संजय कुमार (सहसंयोजक-काव्य गोष्ठी)।
विशेष विधा: डॉ. रूपाली खन्ना को कैलीग्राफी संयोजक नियुक्त किया गया है।
समन्वय और सदस्यता
संस्था को शिक्षण संस्थानों से जोड़ने के लिए कैप्टन प्रोफेसर नीलम कांत, डॉ. विनोद माहेश्वरी और डॉ. मीरा अग्रवाल को महाविद्यालय समन्वयक बनाया गया है। इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में इंजी. सुरेश चंद्र अग्रवाल, अमित बंसल, प्रदीप सिंघल, राकेश पाठक और अमित अग्रवाल को शामिल किया गया है।
सभा के अंत में वक्ताओं ने संकल्प लिया कि नई कार्यकारिणी के नेतृत्व में युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कारों और सांस्कृतिक गौरव से जोड़ने के अभियान को और अधिक गति दी जाएगी।


