वृंदावन: मशहूर पूर्व क्रिकेटर और राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू इन दिनों भक्ति के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। बुधवार को वह अपनी बेटी राबिया सिद्धू के साथ अचानक ठाकुर जी की नगरी वृंदावन पहुंचे। वृंदावन आते ही उन्होंने सबसे पहले सुप्रसिद्ध सिद्धपीठ मां कात्यायनी देवी मंदिर का रुख किया।
यहाँ सिद्धू ने पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ आदिशक्ति की पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में आयोजित विशेष हवन में आहुतियां भी दीं। इस दौरान मंदिर के मुख्य पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सिद्धू की कलाई पर रक्षासूत्र (मौली) बांधा और मां के पावन प्रसादी सिंदूर से उनके माथे पर तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया।
अनुष्ठान संपन्न होने के बाद सिद्धू भक्ति भाव में लीन दिखे और उन्होंने मंदिर परिसर में ही बैठकर एकांत में ध्यान लगाया। बताया जा रहा है कि उन्होंने करीब आधे घंटे तक मौन रहकर मां कात्यायनी की विशेष आराधना की।
जैसे ही नवजोत सिंह सिद्धू के वृंदावन आने की भनक स्थानीय मीडिया को लगी, मंदिर परिसर के बाहर पत्रकारों का जमावड़ा लग गया। हालांकि, इस बार सिद्धू अपने चिर-परिचित अंदाज से बिल्कुल अलग, कैमरों की चमक और राजनीतिक सवालों से दूरी बनाते हुए नजर आए।
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत (ऑफ द रिकॉर्ड) में उन्होंने साफ किया कि उनका यह ब्रज दौरा पूरी तरह से निजी और आध्यात्मिक है। इसका किसी भी तरह की सियासी सरगर्मी या राजनीतिक गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह यहाँ विशुद्ध रूप से मानसिक शांति और आध्यात्मिक सुकून तलाशने आए हैं। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से खबर है कि सिद्धू अगले दो से तीन दिनों तक वृंदावन में ही डेरा डाल सकते हैं। इस प्रवास के दौरान उनके ब्रज के अन्य विश्व प्रसिद्ध और प्रमुख मंदिरों में भी दर्शन-पूजन करने की पूरी संभावना है।


