आगरा। एक अलमारी, उसमें मिली सिगरेट और इसके बाद पड़ी डांट… 17 साल के नेशनल स्तर के टेबल टेनिस खिलाड़ी वंश के लिए यह घटना इतनी भारी पड़ गई कि उसने हॉस्टल छोड़ने का बड़ा फैसला कर लिया। गत 31 जुलाई को सदर स्थित एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम के हॉस्टल से निकला वंश कई शहरों का लंबा सफर तय करते हुए अंततः मुंबई पहुंच गया। परिवार और पुलिस उसे आगरा से लेकर अन्य राज्यों तक तलाशते रहे, जबकि वंश मुंबई में दूसरे युवकों के साथ रहकर मजदूरी कर अपना खर्च चला रहा था। आखिरकार सोशल मीडिया पर भेजे गए एक मैसेज ने पुलिस को उसकी सही लोकेशन तक पहुंचा दिया और उसे सकुशल बरामद कर लिया गया।
स्टेडियम से निकला, स्टेशन पहुंचा और फिर बदलता गया शहर
वंश के हॉस्टल से अचानक गायब होने के बाद उसके परिवार की चिंताएं काफी बढ़ गई थीं। पुलिस ने उसकी तलाश फौरन शुरू कर दी, लेकिन शुरुआती दौर में कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस ने स्टेडियम के आसपास के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों और संभावित आवागमन के मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। जांच के दौरान आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों में वंश की मौजूदगी कैद हो गई। इसके बाद पुलिस ने उसके सफर की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। फुटेज से यह बात पूरी तरह साफ हो गई कि वंश आगरा से बाहर निकल चुका है, जिसके बाद पुलिस ने रेलवे मार्गों और संभावित ठिकानों पर अपनी पड़ताल बेहद तेज कर दी।
दोस्त को इंस्टाग्राम पर किया मैसेज, खुल गया मुंबई का रास्ता
वंश की तलाश में सबसे अहम और निर्णायक सुराग सोशल मीडिया के जरिए हाथ लगा। पुलिस को जानकारी मिली कि वंश ने अपने एक परिचित दोस्त से संपर्क साधने की कोशिश की थी। इसके बाद उसने किसी अन्य लड़के के मोबाइल फोन से अपने दोस्त को इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजा। पुलिस ने इस डिजिटल सुराग को पूरी गंभीरता से लिया और मैसेज से जुड़ी तकनीकी जानकारी के आधार पर उसकी संभावित लोकेशन का पता लगाने का प्रयास शुरू किया। तफ्तीश आगे बढ़ने पर पुलिस को वंश के महानगर मुंबई में होने की पुख्ता खबर मिल गई। इसके बाद स्थानीय पुलिस टीम तुरंत मुंबई के लिए रवाना हुई और वहां उसकी तलाश शुरू कर दी।
आगरा से मथुरा, फिर उज्जैन-नागदा होते हुए पहुंचा मुंबई
पुलिस पूछताछ के दौरान वंश ने अपने घर और हॉस्टल से निकलने के बाद की पूरी यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। उसने पुलिस को जानकारी दी कि वह ट्रेन के माध्यम से सबसे पहले आगरा से मथुरा पहुंचा। इसके बाद वह उज्जैन, नागदा और इंदौर जैसे शहरों से होते हुए आखिरकार मुंबई जा पहुंचा। मुंबई में उसने कुछ अन्य लड़कों के साथ रहना शुरू कर दिया। घर-परिवार से दूर इस कम उम्र किशोर ने वहां अपने दैनिक खर्च को चलाने के लिए मेहनत-मजदूरी तक की। जिस उम्र में वह खेल के मैदान पर अपने टेबल टेनिस कौशल को निखार रहा था, उसी उम्र में वह एक अनजान शहर में संघर्ष भरी जिंदगी गुजारने को मजबूर था।
अलमारी में मिली सिगरेट बनी घर छोड़ने की मुख्य वजह
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वंश ने पूछताछ में यह स्वीकार किया कि हॉस्टल में उसकी अलमारी की तलाशी के दौरान सिगरेट मिली थी। इसके बाद आरएसीओ (RSO) ने उसे इस बात पर डांट लगा दी थी। वंश का कहना था कि वह उस डांट से बुरी तरह डर गया था और मानसिक रूप से क्षुब्ध होकर बिना किसी को कुछ बताए हॉस्टल से बाहर निकल आया। हॉस्टल परिसर छोड़ने के बाद उसने अपने घर वापस लौटने के बजाय शहर और राज्य से दूर चले जाने का रास्ता चुना। देखते ही देखते उसका यह सफर आगरा से मथुरा और मध्य प्रदेश के रास्तों से होते हुए देश की आर्थिक राजधानी मुंबई तक जा पहुंचा।
कई दिनों की मशक्कत के बाद परिवार को मिली बड़ी राहत
वंश के अचानक लापता हो जाने के बाद से उसका परिवार लगातार बेहद सदमे में था और उसकी तलाश में जुटा हुआ था। पुलिस भी उसकी सुरक्षित बरामदगी के लिए विभिन्न तकनीकी और पारंपरिक माध्यमों से सुराग जुटाने का प्रयास कर रही थी। आखिरकार मुंबई में वंश के सकुशल मिल जाने के बाद उसके परिजनों ने राहत की चैन की सांस ली। स्थानीय पुलिस टीम उसे सुरक्षित आगरा वापस लेकर आई।
चूंकि किशोर अभी नाबालिग है, इसलिए उसकी आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जा रही है। एडिशनल डीसीपी हिमांशु गौरव ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि खिलाड़ी वंश को सकुशल बरामद कर लिया गया है। नियमों के मुताबिक उसे फिलहाल चाइल्ड केयर सेंटर भेजा जा रहा है, जिसके पश्चात उसे किशोर न्यायालय (Juvenile Justice Board) के समक्ष पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।
