आगरा: फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर की दिल्ली में की गई पैरवी रंग लाई है। क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए अब आगरा-इटावा रेल सेवा के रूट में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। अब यह ट्रेन आगरा-टूंडला मार्ग के बजाय फतेहाबाद, बाह और बटेश्वर के नए रूट से संचालित होगी। इस निर्णय से आगरा ग्रामीण और बाह क्षेत्र की लाखों की आबादी सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगी।
लोकसभा से रेल मंत्रालय तक का सफर
सांसद राजकुमार चाहर ने 2 अप्रैल 2026 को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को अत्यंत प्रखरता से उठाया था। उन्होंने सदन को अवगत कराया था कि वर्तमान में ट्रेनें आगरा से टूंडला होकर इटावा जाती हैं, जिससे फतेहाबाद और बाह जैसे पिछड़े क्षेत्र रेल कनेक्टिविटी से वंचित रह जाते हैं। सदन में आवाज उठाने के साथ ही उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से व्यक्तिगत भेंट कर इस मार्ग के सामरिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया था।
लाखों जनता और व्यापारियों को मिलेगा लाभ
इस रूट परिवर्तन का सीधा लाभ आगरा ग्रामीण, फतेहाबाद, बाह और खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्रों को मिलेगा:
धार्मिक पर्यटन: बटेश्वर के प्रसिद्ध मंदिरों और ऐतिहासिक घाटों तक श्रद्धालुओं की पहुँच आसान होगी।
व्यापारिक मजबूती: बाह और फतेहाबाद के स्थानीय व्यापारियों को माल ढुलाई और आवागमन में सुगमता मिलेगी।
क्षेत्रीय संतुलन: लंबे समय से उपेक्षित पड़े इस रेल ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू होने से विकास की गति तेज होगी।
सांसद ने कहा- “यह तो बस शुरुआत है”
इस बड़ी उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि क्षेत्र की जनता की सुविधा ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रूट पर ट्रेनों का फेरा बढ़ाने और अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

