फतेहपुर सीकरी (आगरा): नियति का क्रूर प्रहार कहें या सड़क प्रबंधन की लापरवाही, फतेहपुर सीकरी के एक होनहार छात्र की असमय मौत ने पूरे कस्बे की आंखों को नम कर दिया है। आगरा से बीबीए (BBA) की परीक्षा देकर घर लौट रहे छात्र कुशाल गुप्ता की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार सुबह जैसे ही कुशाल के निधन की खबर सीकरी पहुंची, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और गलियों में सन्नाटा पसर गया।
परीक्षा केंद्र से घर के बीच ही मिल गया काल
फतेहपुर सीकरी निवासी व्यवसायी रमन गुप्ता के पुत्र कुशाल गुप्ता बीते 7 मई को आगरा के राजा बलवंत सिंह (RBS) कॉलेज, खंदारी कैंपस में अपनी परीक्षा देने गए थे। परीक्षा समाप्त कर वह अपनी बाइक से वापस सीकरी लौट रहे थे। महूअर के समीप दक्षिणी बाईपास कट पर पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत में कुशाल के सिर में गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े।
24 घंटे तक चली जिंदगी की जंग
हादसे के तुरंत बाद कुशाल को आगरा के रेनबो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। विशेषज्ञों की टीम लगातार उन्हें बचाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन 8 मई की सुबह करीब 9 बजे कुशाल ने अंतिम सांस ली। कुशाल बेहद प्रतिभाशाली और मिलनसार स्वभाव के थे। दो भाइयों में छोटे कुशाल की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता और बड़े भाई का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे के बाद प्रशासन के खिलाफ गुस्सा
कुशाल की मौत ने नेशनल हाईवे पर सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोल दी है। स्थानीय निवासियों और जन प्रतिनिधियों का कहना है कि दक्षिणी बाईपास कट और राजमार्गों पर बने असुरक्षित ‘यू-टर्न’ युवाओं की जान के दुश्मन बन रहे हैं। चेतावनी बोर्डों की कमी और तेज रफ्तार पर नियंत्रण न होना ऐसे हादसों का मुख्य कारण है।
कस्बे के दिग्गजों ने जताया शोक
कुशाल की अंतिम विदाई में पूरा कस्बा उमड़ पड़ा। पूर्व पालिका अध्यक्ष त्रिलोकचंद मित्तल, वर्तमान अध्यक्ष मोहम्मद इस्लाम, मुरारी बजरंगी, मोहन अग्रवाल, और अन्य गणमान्य लोगों ने रमन गुप्ता के आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। सभी ने एक सुर में कहा कि कुशाल की कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा, लेकिन प्रशासन को जागना होगा ताकि भविष्य में किसी और ‘कुशाल’ की जान न जाए।

