आगरा मेट्रो का मिशन 2026: जून में होगा दूसरे कॉरिडोर का ट्रायल, आगरा कॉलेज स्टेशन बनेगा दोनों रूटों का जंक्शन

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आगरा। शहर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की रफ्तार तेज़ हो गई है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनाए जा रहे दूसरे कॉरिडोर पर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 2464 पाइल का निर्माण पूरा हो चुका है। परियोजना को तय समय पर पूरा करने के लिए 18 रिग मशीनें लगातार काम कर रही हैं.

निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति

दूसरे कॉरिडोर में कुल 4096 पाइल, 762 पाइलकैप और 762 पियर बनाए जाने हैं। अभी तक 2464 पाइल, 388 पाइलकैप और 348 पिलर तैयार हो चुके हैं। इसके साथ ही 183 पियरकैप और 120 यू-गर्डर का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। डौकी स्थित कास्टिंग यार्ड में पियरकैप और यू-गर्डर की कास्टिंग लगातार की जा रही है, जिससे निर्माण की गति बनी हुई है।

पहला कॉरिडोर पहले से चालू

आगरा मेट्रो का पहला कॉरिडोर ताज पूर्वी गेट से मन:कामेश्वर तक पहले ही संचालित हो चुका है। शेष भूमिगत हिस्से में अप लाइन पर ट्रायल पूरा किया जा चुका है। फिलहाल स्टेशनों पर फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में है। मार्च के अंत तक मेट्रो सेवा को आरबीएस कॉलेज तक बढ़ाने की तैयारी है।

जून से ट्रायल, अगस्त से नियमित संचालन

UPMRC के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा के अनुसार दूसरे कॉरिडोर पर जून से ट्रायल शुरू किए जाएंगे। पहले चरण में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक मेट्रो का परीक्षण किया जाएगा। इस हिस्से में 75 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अगले दो महीनों में पांच स्टेशनों तक ट्रैक तैयार कर लिया जाएगा। अगस्त 2026 से यात्रियों के लिए नियमित मेट्रो सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

आगरा कॉलेज बनेगा जंक्शन स्टेशन

आगरा कॉलेज स्टेशन को दोनों कॉरिडोर का जंक्शन बनाया जा रहा है, ताकि यात्री एक कॉरिडोर से दूसरे कॉरिडोर में आसानी से मेट्रो बदल सकें। पहला कॉरिडोर ताज पूर्वी गेट से मन:कामेश्वर तक और दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक विकसित किया जा रहा है।

90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रायल

अधिकारियों के अनुसार अगले सप्ताह से अधिकतम 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रायल किए जाएंगे। मार्च के अंत तक 10 स्टेशनों पर मेट्रो सेवा शुरू हो जाएगी, जबकि अगस्त तक 15 स्टेशनों पर संचालन का लक्ष्य है। दोनों कॉरिडोर को दिसंबर 2026 तक पूरी तरह तैयार करने की योजना बनाई गई है।

30 किलोमीटर का नेटवर्क, 30 ट्रेनें

आगरा में मेट्रो का कुल नेटवर्क लगभग 30 किलोमीटर का होगा। प्रति किलोमीटर औसतन एक ट्रेन के हिसाब से कुल 30 मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें से 18 ट्रेनें पहले ही आगरा पहुंच चुकी हैं, जबकि शेष 12 का निर्माण कार्य जारी है। सभी ट्रेनों का संचालन पीएससी मैदान स्थित डिपो से किया जाएगा।