संसद में ‘अविश्वास प्रस्ताव’ पर ‘मिडिल ईस्ट’ भारी: स्पीकर के खिलाफ चर्चा से पीछे हटा विपक्ष, पूरे दिन के लिए सदन स्थगित

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नई दिल्ली: बजट सत्र के दूसरे चरण का आगाज उम्मीद के मुताबिक हंगामेदार रहा। सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही उस समय ठप हो गई जब विपक्ष ने अपने ही द्वारा लाए गए ‘स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव’ पर चर्चा करने के बजाय ‘मिडिल ईस्ट’ (पश्चिम एशिया) के युद्ध संकट पर बहस की मांग शुरू कर दी। भारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित करना पड़ा।

अचानक क्यों बदली इंडिया ब्लॉक की रणनीति?

​कल तक कांग्रेस और टीएमसी अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार को घेरने की तैयारी में थे, लेकिन सोमवार सुबह राहुल गांधी और अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक ने समीकरण बदल दिए। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष को अहसास हुआ कि स्पीकर के मुद्दे पर वोटिंग होने पर हार निश्चित है, जिससे सरकार को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल सकती है।

केरल का दबाव और 1 करोड़ भारतीयों का संकट

​रणनीति बदलने के पीछे ‘केरल कनेक्शन’ सबसे अहम रहा। केरल के सांसदों ने दबाव बनाया कि खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध का सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, क्योंकि वहां करीब 25 लाख मलयाली और कुल 1 करोड़ भारतीय काम करते हैं। विपक्ष ने इसे ‘अल्पसंख्यक’ और ‘आम जनता’ से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार को घेरने का फैसला किया।

​राहुल गांधी का सरकार पर हमला

​संसद के बाहर राहुल गांधी ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा, “वेस्ट एशिया में जो हो रहा है, उससे हमारी अर्थव्यवस्था और स्टॉक मार्केट को जबरदस्त चोट पहुंचने वाली है। तेल के दाम बढ़ेंगे। मोदी सरकार इस पर चर्चा क्यों नहीं करना चाहती? स्पीकर के मुद्दे पर बाद में बात हो जाएगी, पहले देश की सुरक्षा और महंगाई पर बात होनी चाहिए।” विपक्ष के सांसदों ने ‘मोदी जी, ट्रंप के आगे झुकना बंद करें’ लिखे बैनर लेकर प्रदर्शन भी किया।

​सरकार का पलटवार: ‘राहुल गांधी एक फेल्ड नेता’

​इधर, सरकार ने विपक्ष के इस कदम को ‘चर्चा से भागना’ करार दिया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी को ‘फेल्ड लीडर ऑफ अपोजिशन’ बताया, वहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि विपक्ष केवल ड्रामा करना जानता है।

दूसरी ओर, सरकार ने भी मोर्चा संभाला है; विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एनएसए अजीत डोभाल और सीडीएस अनिल चौहान के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर युद्ध के हालात पर चर्चा की।

​कल क्या होगा?

​माना जा रहा है कि मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो सकती है। इसकी शुरुआत संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू करेंगे और गृह मंत्री अमित शाह भी इस बहस में हिस्सा ले सकते हैं।