मध्य-पूर्व महायुद्ध: ईरान की घेराबंदी तेज, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया ‘ऑयल शॉक’ का खतरा

INTERNATIONAL

​तेल अवीव/वाशिंगटन: बुधवार को इजरायल-ईरान संघर्ष अपने पांचवें और सबसे घातक दिन में प्रवेश कर गया है। इजरायली वायुसेना ने ‘ऑपरेशन के दसवें चरण’ का आगाज करते हुए तेहरान के सैन्य ठिकानों और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के ‘बासिज हेडक्वार्टर’ पर बमों की बारिश कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि साझा सैन्य कार्रवाई में ईरान की वायुसेना और नौसेना की कमर पूरी तरह टूट चुकी है।

युद्ध का मैदान: जमीनी हालात और भारी तबाही

​सैन्य आंकड़ों के मुताबिक, अब तक ईरान के 2,000 से अधिक सैन्य ठिकानों और 17 युद्धपोतों को नेस्तनाबूद किया जा चुका है। इस भीषण गोलाबारी में ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 1,000 के पार पहुँच गया है।

लेबनान फ्रंट: इजरायली जमीनी सेना लेबनान सीमा में 6 किलोमीटर अंदर तक दाखिल हो गई है। जवाब में हिजबुल्ला ने इजरायली सैन्य मुख्यालय पर मिसाइल दागने का दावा किया है।

समुद्र में कोहराम: श्रीलंका के तट के पास ईरान का पोत ‘आइरिस डेना’ एक रहस्यमयी पनडुब्बी हमले का शिकार हो गया, जिसमें करीब 100 लोगों के मारे जाने की आशंका है।

आर्थिक सुनामी: होर्मुज जलडमरूमध्य में सन्नाटा

​युद्ध की आग ने वैश्विक बाजारों को झुलसा दिया है। दुनिया की 20% ऊर्जा आपूर्ति का केंद्र ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) फिलहाल ठप है, जिससे तेल की कीमतों में आग लग गई है।

बाजार में भगदड़: एशियाई शेयर बाजारों, विशेषकर सियोल (दक्षिण कोरिया) में भारी बिकवाली देखी गई।

ट्रम्प का एक्शन: राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिकी नौसेना को जहाजों की सुरक्षा और शिपिंग कंपनियों को ‘रिस्क इंश्योरेंस’ देने का आदेश दिया है ताकि वैश्विक सप्लाई चेन को टूटने से बचाया जा सके।

​कूटनीतिक घमासान: ट्रम्प की स्पेन को घुड़की

​वाशिंगटन और मैड्रिड के बीच तनाव चरम पर है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्पेन को दो टूक चेतावनी दी है “सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने दें, वरना व्यापारिक रिश्ते खत्म समझें।” वहीं, स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज़ ने इसे ‘इराक युद्ध जैसी ऐतिहासिक भूल’ बताते हुए सहयोग से इनकार कर दिया है।

​ईरान में सत्ता परिवर्तन और इजरायल की चेतावनी

ईरान के भीतर से आ रही खबरों के मुताबिक, मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया है। हालांकि, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने स्पष्ट कर दिया है कि नेतृत्व बदलने से इजरायल के तेवर नहीं बदलेंगे। उन्होंने साफ कहा कि “ईरान का नया नेतृत्व भी हमारे निशाने पर है।”