कराची/इस्लामाबाद: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि के बाद पाकिस्तान के शिया बाहुल्य क्षेत्रों में ज्वालामुखी फूट पड़ा है। कराची में रविवार को हजारों की संख्या में आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) को निशाना बनाया। इस दौरान हुई हिंसक झड़प और पुलिस की सीधी फायरिंग में अब तक 8 लोगों की मौत की खबर है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
दूतावास के भीतर घुसी भीड़, सुल्तानाबाद बना ‘वॉर ज़ोन’
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारी ‘माई कोलाची’ और ‘सुल्तानाबाद’ के रास्तों को ब्लॉक करते हुए अमेरिकी दूतावास की सुरक्षा दीवारें लांघकर परिसर के भीतर घुस गए। भीड़ ने वहां जमकर तोड़फोड़ की और अमेरिका विरोधी नारे लगाए। स्थिति बेकाबू होते देख सुरक्षा बलों ने पहले आंसू गैस के गोले दागे, लेकिन जब भीड़ पीछे नहीं हटी तो पुलिस को गोलियां चलानी पड़ीं।
पूरे पाकिस्तान में ‘रेड अलर्ट’, गृह युद्ध जैसे हालात
कराची ही नहीं, लाहौर, क्वेटा और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों में भी शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। ईरान से जुड़ी इस घटना ने पाकिस्तान के भीतर सांप्रदायिक और राजनीतिक तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है। स्थानीय प्रशासन ने कराची के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और रेंजर्स की तैनाती कर दी है।
अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव
अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हुए इस सीधे हमले ने पाकिस्तान सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग इस घटना पर कड़ी नजर रखे हुए है, वहीं पाकिस्तान के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील की है। फिलहाल कराची के कई हिस्सों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने की खबरें भी आ रही हैं।

