आगरा में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: मानक पूरे न करने पर 5 वाटर पार्कों पर लगा ताला, जिला मजिस्ट्रेट के आदेश से मचा हड़कंप

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आगरा। ताजनगरी में अवैध रूप से संचालित हो रहे वाटर पार्कों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट ने जनपद के पांच प्रमुख वाटर पार्कों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रशासन का कहना है कि ये पार्क बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज कर धड़ल्ले से चलाए जा रहे थे, जो कि ‘उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) संशोधन अधिनियम 2017’ का सीधा उल्लंघन है।

इन वाटर पार्कों पर लगा प्रतिबंध

प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार जिन वाटर पार्कों को प्रतिबंधित किया गया है, उनमें शामिल हैं:

​काका चौधरी वाटर पार्क (फतेहपुर सीकरी, किरावली)
​केजी वाटर पार्क (जहाँगीरपुर, एत्मादपुर)
​रिमझिम वाटर पार्क (अंसल टाउन, बरौली अहीर)
​माँ भगवती एन्टरप्राइजेज/रेनबो वाटर पार्क (मिढाकुर)
​प्रकाश वाटर पार्क (टेढ़ी बगिया, जलेसर रोड)

​क्यों हुई कार्रवाई?

जिला सूचना अधिकारी की सूचना के अनुसार, इन पार्कों के खिलाफ सोशल मीडिया, होर्डिंग्स और विज्ञापनों के जरिए हो रहे प्रचार के आधार पर शिकायतें मिली थीं। सहायक आयुक्त (राज्य कर/प्रभारी पूर्व मनोरंजन कर) की रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि ये सभी प्रतिष्ठान बिना जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति और आवश्यक सुरक्षा प्रमाण पत्रों के संचालन कर रहे थे।

सुरक्षा मानकों का था अभाव

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वाटर पार्क जैसे सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों के संचालन के लिए अग्निशमन विभाग (Fire NOC), लोक निर्माण विभाग (Fitness Certificate), विद्युत विभाग और जीएसटी जैसे अनिवार्य प्रमाण पत्रों का होना आवश्यक है।

नियमों के तहत, बिना जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के कोई भी ऐसा मनोरंजन आयोजन नहीं किया जा सकता, जिस पर कर देय हो। कानून-व्यवस्था और लोक सुरक्षा के मद्देनजर, प्रशासन ने अधिनियम 2017 की धारा 4क (3) के तहत इन पार्कों को अगली सूचना तक बंद रखने का आदेश दिया है।

इस कार्रवाई के बाद अब शहर के अन्य मनोरंजन केंद्रों के संचालकों में भी हड़कंप मचा है, क्योंकि प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।