अमेठी में टला बड़ा हादसा: सुल्तानपुर से प्रयागराज जा रही रोडवेज बस बनी ‘आग का गोला’, ड्राइवर-कंडक्टर की सूझबूझ से बची 40 यात्रियों की जान

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अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से सोमवार को एक बेहद डराने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। सुल्तानपुर से सवारियां लेकर प्रयागराज की ओर जा रही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) की एक अनुबंधित बस पीपरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दुर्गापुर कस्बे के पास अचानक भीषण आग की लपटों में घिर गई। बस संख्या UP44 BT 4036 में सफर के दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे उठी छोटी सी चिंगारी ने भीषण गर्मी के बीच कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते पूरी बस हाईवे के किनारे धू-धू कर धधकने लगी और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया।

ड्राइवर और कंडक्टर की सूझबूझ से बची 40 जिंदगियां

​राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि जिस वक्त यह भयानक हादसा हुआ, उस समय बस पूरी तरह से यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी। बस के भीतर करीब 40 यात्री सवार थे। जैसे ही चलती बस से धुआं और चिंगारी उठने लगी, बस के चालक (ड्राइवर) और परिचालक (कंडक्टर) ने बिना वक्त गंवाए अपनी सूझबूझ और तत्परता का परिचय दिया। उन्होंने तुरंत बस को हाईवे के किनारे रोका और चिल्लाकर सभी यात्रियों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकलने के निर्देश दिए।

चालक-परिचालक की इस त्वरित कार्रवाई की बदौलत कुछ ही मिनटों के भीतर सभी 40 यात्रियों को बस से सुरक्षित उतार लिया गया। यात्रियों के नीचे उतरते ही पूरी बस ‘आग का गोला’ बन गई और कुछ ही मिनटों में जलकर पूरी तरह राख के ढेर में तब्दील हो गई।

दुर्गापुर चौराहे पर मची अफरा-तफरी, फायर ब्रिगेड ने बुझाई आग

राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर स्थित दुर्गापुर चौराहे के पास बीच सड़क पर धधकती हुई बस को देखकर वहां से गुजर रहे अन्य राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों में हड़कंप और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। सुरक्षा के लिहाज से राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए वाहनों का आवागमन पूरी तरह थम गया।

घटना की लाइव सूचना मिलते ही स्थानीय पीपरपुर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड (अग्निशमन दल) की गाड़ियां भारी फोर्स के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गईं। फायर फाइटर्स ने बिना देर किए पानी की बौछारें शुरू कीं और काफी मशक्कत के बाद बस में लगी विकराल आग पर पूरी तरह काबू पाया।

तकनीकी खराबी और सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल

पुलिस और परिवहन विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस भयावह हादसे की मुख्य वजह भीषण गर्मी के बीच बस में हुई तकनीकी खराबी और वायरिंग में हुआ शॉर्ट सर्किट है। फिलहाल, जिला प्रशासन और रोडवेज के आला अधिकारी इस पूरे मामले की गहनता से जांच करने में जुट गए हैं। हालांकि, इस दिल दहला देने वाले हादसे ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सड़कों पर दौड़ रहे परिवहन निगम के अनुबंधित वाहनों की फिटनेस, उनकी नियमित तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों की जमीनी हकीकत पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।