मुंबई/आगरा। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर लीक होना महज एक स्थानीय घटना नहीं, बल्कि एक विशाल अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश है। जांच की सुई अब महाराष्ट्र से निकलकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक जा पहुंची है। भिवंडी पुलिस द्वारा पकड़े गए तीन आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि परीक्षा के प्रश्नपत्रों के चार सेट आगरा की एक प्रिंटिंग प्रेस में मुद्रित किए गए थे, जहां से इन्हें लीक करने का बड़ा खेल रचा गया।
डेढ़ करोड़ का सौदा और स्थगित हुई परीक्षा
जांच में पता चला कि लीक किए गए इन प्रश्नपत्रों को दिल्ली के रास्ते महाराष्ट्र लाया गया था। गिरोह की योजना इन्हें लगभग 1.5 करोड़ रुपये में बेचने की थी। जैसे ही पेपर लीक की पुष्टि हुई, 28 जून को होने वाली महत्वपूर्ण TET परीक्षा को आनन-फानन में स्थगित करना पड़ा, जिससे हजारों परीक्षार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया।
आगरा की प्रिंटिंग प्रेस पर जांच एजेंसियों की नजर
जांच का मुख्य केंद्र अब आगरा की वह प्रिंटिंग प्रेस है, जहां से ये प्रश्नपत्र छपकर निकले थे। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुरक्षा घेरे को कैसे भेदकर पेपर बाहर लाए गए। हालांकि, अभी तक प्रेस के कर्मचारियों या प्रबंधन की सीधी संलिप्तता आधिकारिक रूप से सिद्ध नहीं हुई है, लेकिन पुलिस प्रिंटिंग प्रक्रिया के हर चरण की बारीकी से छानबीन कर रही है।
पेपर लीक का ‘पुराना खिलाड़ी’ बिजेंद्र गुप्ता
इस पूरे रैकेट के पीछे बिहार के समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता का नाम मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया है। पुलिस के अनुसार, बिजेंद्र कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि पिछले 25 वर्षों से विभिन्न राज्यों में पेपर लीक के काले कारोबार में लिप्त रहा है। ओडिशा, मध्य प्रदेश, बिहार और यूपी सहित कई राज्यों में उसका नाम पूर्व में भी परीक्षाओं में सेंधमारी के लिए चर्चा में रह चुका है। वर्ष 2024 के एक स्टिंग ऑपरेशन में भी उसने अपने नेटवर्क को लेकर बड़े दावे किए थे।
राजनीतिक गलियारों में भूचाल, मकोका की तैयारी
इस गंभीर मामले को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है, जो दिल्ली, हरियाणा, यूपी और बिहार में छापेमारी कर रही है। सरकार ने दोषियों पर ‘मकोका’ जैसे कड़े संगठित अपराध कानून लगाने के संकेत दिए हैं। वहीं, विधानसभा में भी इस मुद्दे ने जोर पकड़ लिया है। विपक्ष ने सरकार से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है और तीखे सवाल किए हैं कि आखिरकार महाराष्ट्र की परीक्षा के पेपर प्रिंटिंग के लिए आगरा क्यों भेजे गए?


